'पेपर लीक करके हमारा भविष्य बर्बाद मत करो', पुणे में भारी बारिश के बीच CJP ने किया प्रोटेस्ट
पुणे में शुक्रवार, 24 जुलाई को भारी बारिश के बावजूद छात्रों ने NEET-UG पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग ...और पढ़ें

NEET-UG पेपर लीक की निष्पक्ष जांच के लिए विरोध प्रदर्शन (जागरण)
HighLights
पुणे में NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का जोरदार प्रदर्शन।
भारी बारिश में भी डटे रहे, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।
Gen Z छात्रों ने मीम्स और वायरल डायलॉग्स से जताया विरोध।
अर्चना दहीवाल, पुणे। पुणे की सड़कों पर आज शुक्रवार, 24 जुलाई को छात्रों का हुजूम उमड़ पड़ा। पुणे में लगातार हो रही बारिश के बावजूद छात्र सड़कों पर डटे रहे। छात्र NEET-UG पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आयोजित इस विरोध मार्च में देशभर से पुणे में पढ़ाई कर रहे छात्रों के साथ-साथ आस-पास के कस्बों और गांवों के बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया।
पुणे में नीट पेपर लीक को लेकर प्रोटेस्ट
'ऑक्सफोर्ड ऑफ द ईस्ट' के नाम से मशहूर पुणे में आयोजित यह प्रोटेस्ट लाल महल से शुरू होकर जिला कलेक्टर कार्यालय पर समाप्त हुआ।
पुणे में दोपहर भर हुई भारी बारिश के बावजूद, हजारों छात्र बिना डरे शहर में मार्च करते रहे और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ नारे लगाते रहे।
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पुणे में हुए इस विरोध प्रदर्शन में 'जेन-जी' (Gen Z) ने अपना तरीका दिखाया। जेन-जी ने पारंपरिक नारों पर निर्भर रहने के बजाय छात्रों ने इंटरनेट मीम्स, वायरल सोशल मीडिया डायलॉग, लोकप्रिय फिल्मों के संदर्भ और ट्रेंडिंग प्लेकार्ड उठाए।
जेन-जी ने व्यंग्य के जरिए सरकार और परीक्षा प्रणाली की आलोचना की। जेन-जी के विरोध प्रदर्शन के इस अनोखे तरीके ने पारंपरिक विरोध प्रदर्शनों को पूरी तरह से हटा दिया।
छात्रों का विरोध प्रदर्शन
छात्रों ने विरोध प्रदर्शन में नारे लगाए- 'पेपर लीक करके हमारा भविष्य बर्बाद मत करो', 'हम पढ़ाई करते हैं और आप पेपर लीक करते हैं?' और 'शिक्षा मंत्री कब जिम्मेदारी लेंगे?'
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि परीक्षा में बार-बार होने वाली अनियमितताओं से ईमानदार छात्र गलत तरीके से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने देश भर में प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करने के लिए एक अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह प्रणाली की मांग की।
छात्रों की सरकार से मांग
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रास्ते में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद, प्रदर्शनकारियों ने एक ज्ञापन सौंपा।
छात्रों ने इस ज्ञापन के जरिए NEET-UG पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और नैतिक आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई।
विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्र जीत चौधरी ने कहा, 'अब बहुत हो चुका। अब सरकार को जवाबदेह ठहराने का समय आ गया है। सरकार हमारी आवाज नहीं दबा सकती।'
एक अन्य छात्रा, तारिणी सिंह ने कहा, 'शिक्षा प्रणाली सरकार के हाथों की कठपुतली बन गई है। वे जो चाहते हैं, वही करते हैं। यह हमारे भविष्य का सवाल है और हम चुप नहीं रहेंगे।'
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