पुणे में बेटे की मौत के बाद माता-पिता ने बचाई 4 जिंदगियां, फरिश्ता बना 37 वर्षीय युवक
पुणे के 37 वर्षीय मैराथन धावक उदय बिरमल की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद उनके परिवार ने अंगदान का फैसला किया। ...और पढ़ें

मैराथन रनर उदय बिरमल की मौत, परिवार ने अंंग किए दान (फोटो-सोशल मीडिया)
HighLights
पुणे के मैराथन धावक उदय बिरमल की सड़क दुर्घटना में मौत।
परिवार ने 'ब्रेन डेड' उदय के अंगदान का लिया बड़ा फैसला।
उदय बिरमल के अंगदान से चार मरीजों को मिला नया जीवन।
डिजिटल डेस्क, पुणे। पुणे के 37 वर्षीय मैराथन रनर उदय बिरमल की सड़क दुर्घटना के चलते मौत हो गई है। उदय बिरमल का 19 जुलाई को एक्सीडेंट हुआ था।
एक्सीडेंट के बाद उदय बिरमल को अस्पताल में 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया गया, लेकिन उनके परिवार ने अंग दान करने का फैसला किया, जिससे उदय बिरमल चार गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए जीवन रक्षक बन गए।
डॉक्टरों ने उदय बिरमल को ब्रेन डेड घोषित किया
उदय बिरमल 19 जुलाई की सुबह मैराथन की प्रैक्टिस के लिए गए थे, लेकिन बेकाबू ऑटो-रिक्शा की टक्कर से उनके सिर में गंभीर चोटें आईं।
उदय बिरमल को तुरंत दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल (DMH) ले जाया गया, जहां उन्हें इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में रखा गया और इमरजेंसी इलाज दिया गया।
मेडिकल टीम की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। सभी जरूरी मेडिकल और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद डॉक्टरों ने मंगलवार को उदय को 'ब्रेन डेड' घोषित कर दिया।
परिवार ने दान किए अंग
उदय बिरमल के परिवार ने उनका दिल, लिवर और दोनों किडनी दान करने की सहमति दी। बिरमल का दिल एक खास तौर पर बनाए गए 'ग्रीन कॉरिडोर' के जरिए तेजी से मुंबई के प्राइवेट अस्पताल पहुंचाया गया। उनका लिवर और एक किडनी DMH में भर्ती मरीजों में ट्रांसप्लांट किए गए और उनकी दूसरी किडनी पुणे के ही एक दूसरे प्राइवेट अस्पताल में जरूरतमंद मरीज को भेजी गई।
डॉक्टरों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम ने इस जटिल ट्रांसप्लांट प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस टीम में डॉ. तुषार बोर्डे, डॉ. प्रदीप दलवी, डॉ. प्रसन्ना मारुडवार, डॉ. निनाद देशमुख, डॉ. सचिन पलनीटकर, डॉ. जयदीप दाते, डॉ. सुजीत सराफ, डॉ. शिल्पा सावंत और डॉ. रोहन वलसांगकर शामिल थे।
DMH के अधिकारियों ने उदय बिरमल के परिवार के इस निस्वार्थ फैसले की तारीफ की और कहा कि एक अंग दाता कई लोगों की जान बचा सकता है।
अस्पताल प्रशासन ने आम जनता से अंग दान के लिए आगे आने की अपील की है, ताकि अंग फेलियर से जूझ रहे मरीजों को उम्मीद की नई किरण मिल सके।
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