Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Share Market Close: लाल निशान पर बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 316 और निफ्टी 109 अंक गिरकर हुए बंद

    By AgencyEdited By: Gaurav Kumar
    Updated: Tue, 03 Oct 2023 06:36 PM (IST)

    हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार 12 अक्टूबर को शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। आज सेंसेक्स 316 अंक टूटकर 65512 पर और निफ्टी 109 अंक टूटकर 19528 प ...और पढ़ें

    BSE मिड कैप और स्मॉल कैप में आज बढ़त देखने को मिली।
    BSE मिड कैप और स्मॉल कैप में आज बढ़त देखने को मिली।

    पीटीआई, नई दिल्ली: कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन मंगलवार 3 अक्टूबर को शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। आज सेंसेक्स 316 अंक टूटकर 65,512 पर बंद हुआ तो वहीं निफ्टी 109 अंक गिरकर 19,528 पर बंद हुआ।

    बैंक निफ्टी की बात करें तो बैंक निफ्टी 185 अंक गिरकर 44,399 पर बंद हुआ। हालांकि BSE मिड कैप और स्मॉल कैप में आज बढ़त देखने को मिली। आज बीएसई मिड कैप 28 अंक उछलकर 32,368 पर बंद हुआ तो वहीं BSE स्मॉल कैप 227 अंक की तेजी के साथ 37,789 पर बंद हुआ।

    सेंसेक्स के टॉप गेनर और लूजर

    बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फिनसर्व और टाइटन टॉप गेनर रहे।

    वहीं मारुति, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, जेएसडब्ल्यू स्टील, आईटीसी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर टॉप लूजर रहे।

    निफ्टी के टॉप गेनर और लूजर

    बजाज फाइनेंस, लार्सन, टाइटन, बजाज फन्सर्व, अदाणी पोर्ट, एसबीआई, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडसडेंड बैंक, एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक के शेयर टॉप गेनर रहे।

    ओएनजीसी, आईसर मोटर्स, हिंडाल्को, मारूति सुजुकी, डॉ रेड्डीज लैब, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स, बीपीसीएल, यूपीएल, सन फार्मा, हीरो मोटोकॉर्प के शेयर टॉप लूजर रहे।

    अन्य बाजारों का क्या रहा हाल?

    एशियाई बाजारों की अगर बात करें तो टोक्यो और हांगकांग निचले स्तर पर बंद हुए जबकि शंघाई हरे निशान में बंद हुआ। यूरोपीय बाजार मिश्रित रुख पर कारोबार कर रहे थे। वहीं सोमवार को अमेरिकी बाजार ज्यादातर हरे निशान में बंद हुए।

    कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा

    वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.07 प्रतिशत चढ़कर 90.73 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,685.70 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची।

    एफपीआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) ने पिछले महीने यानी सितंबर में इक्विटी से 14,767 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की। इसका कारण डॉलर की मजबूती, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार वृद्धि और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी है।