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    अहमदाबाद प्लेन क्रैश: 'परिजनों पर कोई प्रेशर नहीं', विजय रुपाणी की बेटी के सवाल पर एअर इंडिया की सफाई

    Updated: Wed, 10 Jun 2026 04:12 PM (GMT+05:30)

    एअर इंडिया AI-171 विमान हादसे के मुआवजे को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपाणी की बेटी राधिका रुपाणी मिश्रा ने मुआवजे के द ...और पढ़ें

    विजय रुपाणी की बेटी के सवाल पर एअर इंडिया की सफाई

    विजय रुपाणी की बेटी के सवाल पर एअर इंडिया की सफाई

    HighLights

    1. मुआवजे के दस्तावेजों पर राधिका रुपाणी मिश्रा ने सवाल उठाए।

    2. एअर इंडिया ने कहा, अंतिम मुआवजा स्वीकारने का कोई दबाव नहीं।

    3. RDI दस्तावेज की शर्तों पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एअर इंडिया के AI-171 विमान हादसे के एक साल पूरा होने से ठीक दो दिन पहले अंतिम मुआवजे की प्रक्रिया और उसकी शर्तों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की बेटी राधिका रुपाणी मिश्रा ने टाटा समूह के प्रमुख एन. चंद्रशेखरन को पत्र लिखकर मुआवजे के दस्तावेजों पर सवाल उठाए हैं।

    वहीं, एअर इंडिया ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि किसी भी परिवार पर तय समय-सीमा के भीतर अंतिम मुआवजा स्वीकार करने का कोई दबाव नहीं है।

    हमें मुआवजे से ज्यादा जवाब चाहिए: राधिका रुपाणी

    लंदन में रहने वाली राधिका रुपाणी ने टाटा संस और एअर इंडिया प्रबंधन से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि हादसे की आधिकारिक जांच अभी पूरी नहीं हुई है, फिर भी परिवारों से एक ऐसे दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने को कहा जा रहा है, जो सभी तथ्य सामने आने से पहले ही वर्तमान और भविष्य के दावों को स्थायी रूप से खत्म कर देगा।

    राधिका ने आगे लिखा कि हम मुआवजे से कहीं अधिक के हकदार हैं। हम जवाब के हकदार हैं, हम पारदर्शिता के हकदार हैं और सबसे बढ़कर हम इस मामले का सही निष्कर्ष चाहते हैं।

    air india plane crash (1)

    क्या है RDI डॉक्यूमेंट का विवाद?

    यह पूरा विवाद रिसिप्ट, डिस्चार्ज एंड इंडेमनिटी नामक दस्तावेज से जुड़ा है, जिस पर एअर इंडिया अंतिम मुआवजे के लिए पीड़ित परिवारों से हस्ताक्षर करवा रही है।

    राधिका का तर्क है कि इस दस्तावेज के प्रावधान बहुत व्यापक हैं। इस पर हस्ताक्षर करने का मतलब केवल एअर इंडिया ही नहीं, बल्कि बोइंग, जनरल इलेक्ट्रिक, सफरान, हनीवेल, भारत सरकार, अहमदाबाद एअरपोर्ट और बीमा कंपनियों सहित कई अन्य पक्षों के खिलाफ भविष्य के दावों को छोड़ना होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब तक सच सामने नहीं आता, तब तक इस तरह की अंतिम रिहाई प्राप्त करने का प्रयास क्यों किया जा रहा है।

    किसी पर दबाव नहीं, परिवार स्वतंत्र हैं: एअर इंडिया

    एअर इंडिया ने राधिका रुपाणी के पत्र का जवाब देते हुए सभी आरोपों को खारिज किया है। एअरलाइन ने स्पष्ट किया, "हमारे अंतिम मुआवजे के प्रस्ताव में इसे स्वीकार करने की कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है। परिवार जांच रिपोर्ट जारी होने तक इंतजार करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं, जैसा कि कुछ परिवारों ने चुना भी है।"

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    RDI दस्तावेज की भाषा को लेकर एअरलाइन ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय और भारतीय एअरलाइंस द्वारा अपनाया जाने वाला एक सामान्य दृष्टिकोण है। इसका उद्देश्य किसी तीसरे पक्ष को बचाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि अंतिम मुआवजा वास्तव में अंतिम हो।

    एअर इंडिया ने कहा कि अक्सर ऐसे मामलों में जब पीड़ित परिवार उपकरण निर्माताओं से मुआवजा मांगते हैं, तो वे कंपनियां एअरलाइन पर अप्रत्यक्ष दावों का केस कर देती हैं। इसी से बचने के लिए कानूनी रूप से यह व्यापक भाषा इस्तेमाल की जाती है।

    air india plane crash

    अब तक कितने लोगों को मिला मुआवजा?

    12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने वाला एअर इंडिया-171 बोइंग 787 ड्रीमलाइनर टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद क्रैश हो गया था। इस हादसे में कुल 260 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 241 विमान सवार और बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में मौजूद 19 लोग शामिल थे।

    विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो अभी इस मामले की जांच कर रहा है। जानकारी के अनुसार, अंतिम रिपोर्ट आने में अभी समय लग सकता है। एअर इंडिया का कहना है कि जांच पूरी होने की अनिश्चितता को देखते हुए, अंतिम मुआवजे की प्रक्रिया को अनिश्चित काल तक रोके रखना उन परिवारों के साथ अन्याय होता जो इसे जल्द प्राप्त करना चाहते हैं।

    सूत्रों के मुताबिक अब तक एअर इंडिया की ओर से 96% पीड़ित परिवारों को 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा दिया जा चुका है ताकि उनकी तत्काल वित्तीय जरूरतें पूरी हो सकें। जमीन पर घायल हुए 94% लोगों को भी चोट की प्रकृति के आधार पर अंतिम या अंतरिम मुआवजा मिल चुका है।

    इसके अलावा, टाटा समूह द्वारा स्थापित AI-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से लगभग सभी पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि अलग से दी गई है।

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    यात्रियों का सामान भी लौटाया जा रहा

    एअर इंडिया ने बताया कि दुर्घटनास्थल से 22,000 से अधिक व्यक्तिगत वस्तुओं को बेहद सावधानी के साथ सुरक्षित रखा गया था। 187 मृतकों से जुड़े सामानों में से 139 का सामान भारत और यूके में उनके परिवारों को लौटा दिया गया है।

    इसके अलावा मलबे से 25 डिजिटल डिवाइस भी बरामद हुए थे, जिनमें से जांच के बाद 16 डिवाइस परिजनों को सौंप दिए गए हैं। हादसे के बाद टाटा समूह के सीईओ ने भारत और यूके में 165 में से 152 प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त की हैं।

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