Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Manipur Earthquake : मणिपुर में 5.1 तीव्रता का आया भूकंप, जान-माल को कितना नुकसान हुआ?

    By AgencyEdited By: Achyut Kumar
    Updated: Tue, 12 Sep 2023 01:32 AM (IST)

    मणिपुर में सोमवार की रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। उखरुल जिले में आए इस भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.1 मापी गई। भूकंप की गहराई 20 किलोमीटर थी ...और पढ़ें

    Manipur Earthquake: मणिपुर में महसूस किए गए भूकंप के झटके
    Manipur Earthquake: मणिपुर में महसूस किए गए भूकंप के झटके

    HighLights

    1. मणिपुर में 5.1 तीव्रता के भूकंप से कांपी धरती
    2. उखरुल जिले में देर रात आया भूकंप
    3. 20 किमी थी भूकंप की गहराई

    उखरुल, एएनआई। Manipur Earthquake: मणिपुर के उखरूल जिले में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.1 मापी गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र यानी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने यह जानकारी दी।

    20 किमी थी भूकंप की गहराई

    NCS के अनुसार, उखरुल जिले में भूकंप सोमवार की रात 11 बजकर एक मिनट पर आया। इसकी तीव्रता 5.1 थी। भूकंप की गहराई 20 किमी थी।

    इससे पहले, सोमवार तड़के बंगाल की खाड़ी में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। यह भूकंप 70 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। उससे पहले, तिब्बत के जिजांग में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था। यह भूकंप सुबह पांच बजकर 40 मिनट पर आया।

    यह भी पढ़ें: Earthquake in Bay of Bengal: बंगाल की खाड़ी में आया जोरदार भूकंप, क्या आएगी सुनामी?

    इंडोनेशिया में आया 5.9 तीव्रता का भूकंप

    इंडोनेशिया में 11 सितंबर को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.9 मापी गई। यह बूकंप मालुकु प्रांत में आया था।

    यह भी पढ़ें: Top 10 World Earthquake: सेकेंडों में चली गईं लाखों जान, ढह गई इमारतें… ये हैं दुनिया के 10 विनाशकारी भूकंप

    मोरक्को में भूकंप ने जमकर मचाई तबाही

    मोरक्को में आठ सितंबर को आए भूकंप से मरने वालो ंकी संख्या 2600 के पार हो गई है, जबकि 2500 से ज्यादा लोग घायल हैं। राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। भूकंप से इमारतों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। लोगों को खुले में सोने के लिए मजबूर होना पड़ा है। सबसे ज्यादा नुकसान हाई एटलस पर्वत की घाटियों में बसे गांवों को पहुंचा है।