तमिलनाडु में इस्तीफे के बाद अन्नामलाई ने बढ़ाई विजय की टेंशन: दिख सकती है MGR और करुणानिधि जैसी सियासत
के. अन्नामलाई ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है, जिससे तमिलनाडु में उनकी नई पार्टी बनाने की अटकलें तेज हो ...और पढ़ें
-1780401141093_m.webp)
तमिलनाडु में विजय और अन्नामलाई की सियासत (जागरण)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव भले ही समाप्त हो गए हैं, लेकिन राजनीतिक हलचल अभी भी जारी है। के. अन्नामलाई ने भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़ दिया है और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को इस्तीफा सौंप दिया है।
अन्नामलाई और बीजेपी के बीच काफी समय से मतभेद चल रहे थे। अन्नामलाई से बीजेपी से इस्तीफे के बाद अब उनके नई पार्टी बनाने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
विजय और अन्नामलाई की सियासत
अन्नामलाई के करीबी सूत्रों का कहना है कि अगर वह अपनी खुद की पार्टी बनाते हैं तो तमिलनाडु में दो गैर-द्रविड़ पार्टियों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है। इन पार्टियों का नेतृत्व राज्य के दो सबसे लोकप्रिय नेता TVK के विजय और K अन्नामलाई करेंगे।
तमिलनाडु की राजनीति में आने वाले समय में थलापति विजय और के. अन्नामलाई के बीच राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल सकता है। ऐसे में इनके कुछ समर्थक इनकी तुलना तमिलनाडु के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में से एक से कर रहे हैं, जो कि पूर्व मुख्यमंत्री MG रामचंद्रन (MGR) और एम करुणानिधि के बीच थी।
हालांकि MG रामचंद्रन तीन बार मुख्यमंत्री चुनाव जीत चुके हैं और करुणानिधि भी पांच बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। ऐसे में विजय और अन्नामलाई की दोनों दिग्गज नेताओं से तुलना करना थोड़ी जल्दबाजी समझी जा सकती है।
तमिलनाडु की राजनीति में नाटकीय मोड़
1967 में DMK के संस्थापक CN अन्नादुरई के कांग्रेस के वर्चस्व को खत्म करने के बाद, तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से MGR और करुणानिधि के बीच के मुकाबले में बदल गई थी।
DMK से अलग होने और AIADMK के गठन के बाद, MGR ने लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीते और 1987 में अपने जीवन के अंतिम दिनों तक मुख्यमंत्री बने रहे। MGR की मृत्यु के बाद करुणानिधि सत्ता में लौटे और पांच बार मुख्यमंत्री बने।
तमिलनाडु में एक बार फिर अब छह दशक बाद, राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इस बार तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) के संस्थापक और अभिनेता से राजनेता बने विजय ने चुनावों में DMK और AIADMK दोनों को पीछे छोड़ दिया।
DMK और AIADMK की राह मुश्किल
दशकों तक तमिलनाडु की राजनीति पर हावी रहने वाली DMK और AIADMK द्रविड़ पार्टियां अब खुद को एक अपरिचित स्थिति में पा रही हैं। AIADMK की मुश्किलें विशेष रूप से गंभीर दिखाई दे रही हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मृत्यु के बाद से AIADMK को लगातार चार चुनावी हार का सामना करना पड़ा है। हाल ही में, पार्टी में आंतरिक विद्रोह भी देखने को मिला, जब 25 विधायकों ने TVK सरकार के पक्ष में मतदान किया। उन्होंने पार्टी के रुख की अवहेलना की, क्योंकि विजय के साथ सत्ता-साझेदारी का समझौता करने के प्रयास विफल हो गए थे।
अन्नामलाई के समर्थकों का मानना है कि एक नई राजनीतिक शक्ति के लिए अभी भी गुंजाइश मौजूद है। सूत्रों के मुताबिक, अन्नामलाई का प्रस्तावित राजनीतिक मंच 'तमिल राष्ट्रवाद और सुशासन' पर आधारित हो सकता है।
यह भी पढ़ें- अन्नामलाई ने नितिन नवीन को 5 पन्नों का इस्तीफा सौंपा, नई पार्टी का जल्द करेंगे एलान
यह भी पढ़ें- 'राज्य के अधिकारों पर कोई समझौता नहीं', जीत के बाद पहली रैली में बोले CM विजय- मैं सूट क्यों नहीं पहन सकता?
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।