'क्या नारा लोकेश लेंगे नैतिक जिम्मेदारी?', प्रधान के इस्तीफे के बाद जगन रेड्डी ने मांगा आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
वाईएसआरसीपी ने मेगा डीएससी-2025 शिक्षक भर्ती में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और सीबीआई जांच की मांग की है। ...और पढ़ें

जगन मोहन रेड्डी ने की नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग। (फाइल फोटो)
HighLights
वाईएसआरसीपी ने डीएससी-2025 शिक्षक भर्ती में अनियमितताओं का आरोप लगाया।
शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और सीबीआई जांच की मांग की।
जगन रेड्डी ने नीट विवाद से तुलना कर नैतिक जिम्मेदारी मांगी।
डिजिटल डेस्क, अमरावती। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने मेगा डीएससी-2025 शिक्षक भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आंध्र प्रदेश सरकार पर अपना हमला तेज कर दिया है। पार्टी ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और भर्ती प्रक्रिया की कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
पार्टी नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री आदिमूलपु सुरेश और वाईएसआरसीपी छात्र विंग के कार्यकारी अध्यक्ष रविचंद्र ने आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार ने परीक्षा की पारदर्शिता, गोपनीयता और निष्पक्षता से समझौता किया है, जिससे लगभग 3.5 लाख डीएससी उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं।
वाईएसआरसीपी ने किया ये सवाल
सुरेश ने सवाल उठाया कि प्रश्न-पत्र तैयार करने और परीक्षा के प्रबंधन दोनों की जिम्मेदारी एक ही एजेंसी और अधिकारियों को क्यों सौंपी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता कम होती है।
पार्टी ने जताई चिंता
उन्होंने आउटसोर्स किए गए कर्मचारियों द्वारा गोपनीय प्रश्न-पत्र अपलोड करने के काम को संभालने पर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों ने ही टॉप रैंक हासिल की। उनके अनुसार, सैकड़ों दस्तावेज, डिजिटल सबूत और वीडियो पहले ही गवर्नर को सौंपे जा चुके हैं, जबकि डीएससी भर्ती से जुड़े कई अदालती मामले अभी भी लंबित हैं।
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क्या आरोप लगाया?
वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया है कि लगातार जारी सरकारी आदेशों के जरिए स्पोर्ट्स कोटा भर्ती में हेर-फेर की गई है। पार्टी ने मेरिट और रोस्टर लिस्ट जारी न करने के लिए सरकार पर सवाल उठाए हैं और सर्टिफिकेट की जांच व अंतिम चयन में पूरी पारदर्शिता की मांग की है।
जगन मोहन रेड्डी ने क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने नीट विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि सभी सरकारों में राजनीतिक जवाबदेही एक जैसी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "नीट पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने एनडीए सरकार के तहत राजनीतिक जवाबदेही का एक उदाहरण पेश किया है। अब हम यह पूछना चाहते हैं कि क्या आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश डीएससी परीक्षा में हुई गंभीर अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेंगे और इस्तीफा देंगे या क्या मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू जवाबदेही के उन मानकों को बनाए रखने के बजाय अपने बेटे का बचाव करेंगे, जिनमें एनडीए के विश्वास का दावा किया जाता है।"
रेड्डी ने यह भी कहा कि कथित अनियमितताओं के बारे में विस्तार से बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें दखल देने और विस्तृत जांच की मांग की गई है।
वाईएसआरसीपी ने 28 जुलाई को सभी जिला कलेक्ट्रेट के सामने राज्यव्यापी विरोध रैलियों की घोषणा की है। वे कथित डीएससी घोटाले की सीबीआई जांच, लोकेश के इस्तीफे, बकाया फीस रिइम्बर्समेंट और बेरोजगारी भत्ते के भुगतान की मांग कर रहे हैं।
बता दें कि इससे पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और ठीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने मेगा डीएससी-2025 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी द्वारा लगाए गए गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से और भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार आयोजित की गई थी।