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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बीएमसी चुनाव तय करेंगे फड़नवीस सरकार का भविष्य

    By Mohit TanwarEdited By:
    Updated: Tue, 21 Feb 2017 09:54 PM (IST)

    महाराष्ट्र की 25 जिला परिषदों और 10 बड़ी महानगरपालिकाओं के लिए दो चरणों में हुए मतदान को राज्य में मिनी चुनाव माना जा रहा है। ...और पढ़ें

    बीएमसी चुनाव तय करेंगे फड़नवीस सरकार का भविष्य
    बीएमसी चुनाव तय करेंगे फड़नवीस सरकार का भविष्य

    राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र के स्थानीय निकायों के लिए मंगलवार को मतदान संपन्न हो गया। गुरुवार को चुनाव परिणाम आने के बाद प्रदेश की राजनीति में बड़े उथल-पुथल की संभावना जताई जा रही है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के नतीजे राज्य में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस सरकार का भविष्य तय करेंगे।

    महाराष्ट्र की 25 जिला परिषदों और 10 बड़ी महानगरपालिकाओं के लिए दो चरणों में हुए मतदान को राज्य में मिनी चुनाव माना जा रहा है। ये चुनाव सत्तारूढ़ दल एवं विपक्ष के बजाय दो सत्तारूढ़ दलों के बीच ही शक्ति प्रदर्शन का माध्यम बन गए हैं। प्रचार अभियान के दौरान शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कह दिया है कि फड़नवीस सरकार नोटिस पीरियड पर चल रही है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री फड़नवीस ने उद्धव की इस चेतावनी को यह कहकर हवा में उड़ा दिया कि उनकी सरकार पूरे पांच साल चलेगी।

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    शिवसेना पिछले 20 वर्ष से मुंबई महानगरपालिका की सत्ता में है। वह भी भाजपा के साथ चुनावपूर्व गठबंधन करके। यह पहला अवसर है कि 20 साल में भाजपा और शिवसेना ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा है। महाराष्ट्र के अन्य स्थानीय निकायों की तुलना में मुंबई महानगरपालिका को शिवसेना प्रतिष्ठा का प्रश्न मानती है, क्योंकि मुंबई को वह अपनी राजनीति का केंद्र समझती है। यदि गुरुवार को चुनाव परिणामों में शिवसेना की सीटें भाजपा से कम रह गईं तो ये परिणाम शिवसेना के पचासवें वर्ष में उसके लिए बड़ा झटका साबित होगा। तब उसके पास चुपचाप राज्य की सत्ता में भाजपा के छोटे भाई की भूमिका में बने रहना ही श्रेयस्कर होगा।

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    लेकिन यदि उसकी सीटें बीएमसी में भाजपा से ज्यादा आईं तो वह फड़नवीस सरकार के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है। माना जा रहा है कि ऐसी स्थिति में शिवसेना राज्य सरकार पर अपने प्रहार तेज करेगी और सही मौका देखकर सरकार से समर्थन वापस भी ले सकती है। लेकिन उसके समर्थन वापस लेने से फड़नवीस सरकार के लिए खतरा पैदा होगा, यह कहना जल्दबाजी होगी।

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    प्रमुख हस्तियों ने डाले वोट

    मंगलवार को मतदान में बॉलीवुड कलाकार अनुष्का शर्मा, रेखा, श्रेयस तलपडे, प्रेम चोपड़ा, श्रद्धा कपूर, जोया अख्तर, गुलजार, सुभाष घई, कुणाल कपूर और संजय दत्त की पत्नी मान्यता ने हिस्सा लिया। इसके अलावा क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, उनकी पत्नी अंजलि और पूर्व क्रिकेटर संदीप पाटिल ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने पुणे में और पूर्व मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शोलापुर में वोट डाले।