बजट से अमेरिका को भी खुश करने की कोशिश... साबुन और छाते के बढ़ेंगे दाम, मेडिकल उपकरण व इलेक्ट्रॉनिक्स सस्ता
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सैकड़ों कच्चे माल पर आयात शुल्क घटाया या खत्म किया है, जिससे निर्यात और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इसके पर ...और पढ़ें

कच्चे माल पर लगने वाले आयात शुल्क को कम या पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सरकार ने सैकड़ों उन कच्चे माल पर लगने वाले आयात शुल्क को या तो कम कर दिया है या फिर पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है जिनकी लागत कम करने से उनका निर्यात बढ़ेगा या फिर घरेलू स्तर पर उनके उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।
आम उपभोक्ता को कई इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम सस्ते दाम में मिलेंगे। सरकार ने निर्माण को आसान बनाने के लिए आयात नियम को भी सरल किया है। जैसे अब विदेश से कच्चे माल मंगाने पर उन्हें हासिल करने के लिए सीमा शुल्क अधिकारियों की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी।

घरेलू छाता निर्माण होगा प्रोत्साहित
अभी उन माल को चेक किया जाता है और फिर कोई शक होने पर उसे पोर्ट पर ही रोक लिया जाता है। ऐसे में निर्माण की लागत बढ़ जाती है। वहीं, छाता जैसे छोटे आइटम के आयात शुल्क में बढ़ोतरी की गई है ताकि घरेलू छाता निर्माण को प्रोत्साहित किया जा सके।
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च एनालिस्ट के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार ने एयरोस्पेस, न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी, हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स व मेडिकल उपकरण निर्माण से जुड़े आइटम के आयात शुल्क समाप्त कर दिया है। इससे घरेलू स्तर पर इन सेक्टर के निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा।
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अमेरिका को होगा फायदा
दूसरा इन सेक्टर में मुख्य रूप से आयात अमेरिका से किया जाता है जिससे अमेरिका को फायदा होगा जिससे भारत व अमेरिका के बीच व्यापार समझौता जल्द होने में मदद मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में माइक्रो वेव ओवन और वीडियो गेम से जुड़े कच्चे माल के आयात को शुल्क से मुक्त कर दिया गया है।
मेडिकल उपकरण निर्माता अब एक्स-रे ट्यूब व डायग्नोस्टिक उपकरण के फ्लैट पैनल को शुल्क मुक्त कर दिया गया है। निर्यात होने वाले फुटवियर मैन्यूफैक्चरिंग से जुड़े कई माल को शुल्क मुक्त कर दिया गया है।
वहीं साबुन, डिटरजेंट व बैट्री में इस्तेमाल होने वाले पोटाशियम हाइड्रोक्साइड पर जीरो शुल्क को बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत कर दिया गया है। छाते पर लगने वाले शुल्क को बढ़ाकर 20 प्रतिशत या 60 रुपए प्रति यूनिट कर दिया गया है। छाते के पार्ट पर शुल्क को 11 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है।