दिल्ली में मानसून की रफ्तार एंट्री, 48 घंटे बाद यूपी-बिहार में झमाझम बारिश; बाकी राज्यों का क्या है हाल?
मानसून ने तीन सप्ताह की सुस्ती के बाद रफ्तार पकड़ी है और अगले 24-48 घंटों में दिल्ली-एनसीआर पहुंचने की उम्मीद है। ...और पढ़ें

फाइल फोटो

समय कम है?
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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। करीब तीन सप्ताह की सुस्ती के बाद मानसून ने अचानक रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में तेजी से आगे बढ़ने के बाद अब इसकी अगली मंजिल दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा एवं पंजाब हैं।
भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के भीतर मानसून दिल्ली पहुंच सकता है। साथ ही उत्तर भारत को लंबे समय से परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है। अलनीनो की आशंकाओं के बावजूद फिलहाल मानसून के लिए हालात अनुकूल बने हुए हैं।

उत्तर भारत को उमस भरी गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत
मानसून की यह तेजी ऐसे समय आई है जब जून में 40 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है, जो पिछले 12 वर्षों में सबसे कम है। जून के अंत तक देश में केवल 99.5 मिलीमीटर बारिश हुई है। 2014 के जून में मानसून में 92.8 मिलीमीटर बारिश हो पाई थी। पिछले सौ वर्षों के रिकार्ड में यह तीसरा सबसे सूखा जून साबित हुआ।
मानसून ने पिछले दो दिनों में तेजी दिखाई है। यह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों को कवर करते हुए हिमाचल और लद्दाख के कुछ क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। अगले कुछ दिनों में यह हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और गुजरात के शेष हिस्सों में भी आगे बढ़ जाएगा।

यही गति बनी रही तो चार-पांच दिनों के भीतर ही मानसून पूरे देश को कवर कर सकता है।जुलाई की शुरुआत में बनने वाली अनुकूल परिस्थितियां और बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी जून की कमी को काफी हद तक भरपाई कर सकती हैं।
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जुलाई के पहले 10 दिनों में झमाझम बारिश की उम्मीद
स्काइमेट के अनुसार मानसून को अनुकूल मौसमी तंत्रों का सहारा मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी, उत्तर प्रदेश, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और पाकिस्तान के सिंध इलाके में चार साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। पंजाब से लेकर बंगाल तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मानसून को अतिरिक्त ऊर्जा मिल रही है और वर्षा गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुरुवार से ही बारिश की स्थितियां अनुकूल हो जाएंगी। उसके बाद जुलाई के पहले दस दिनों तक कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में अभी से ही तापमान गिरने लगा है और मौसम पहले की तुलना में अधिक राहत भरा महसूस होने लगा है।

अगले 24 घंटे में यूपी में झमाझम बारिश
जुलाई के पहले सप्ताह में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने तीन जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई है। यह प्रणाली पश्चिम की ओर बढ़ते हुए मानसून को मजबूत कर सकती है।

उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। एनसीआर में भी बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है। गुजरात संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है, जहां अत्यधिक वर्षा का खतरा बना हुआ है।