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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    BMC चुनाव में चार वर्ष की बच्‍ची ने बदली इनकी किस्‍मत, ड्रा से मिली जीत

    By Kamal VermaEdited By:
    Updated: Sat, 25 Feb 2017 01:32 PM (IST)

    बीएमसी चुनाव में भाजपा के कई प्रत्‍याशी बेहद कम अंतर से हारे, लेकिन वहीं कुछ की किस्‍मत बेहद अच्‍छी रही। इनमें से एक की किस्‍मत का फैसला लकी ड्रॉ के ज ...और पढ़ें

    BMC चुनाव में चार वर्ष की बच्‍ची ने बदली इनकी किस्‍मत, ड्रा से मिली जीत
    BMC चुनाव में चार वर्ष की बच्‍ची ने बदली इनकी किस्‍मत, ड्रा से मिली जीत

    मुंबई (जेएनएन)। बीएमसी चुनाव में अपने दम पर बाजी मारने वाली भाजपा के तेवर भी आने वाले समय में देखने लायक होंगे। इस चुनाव में भाजपा दूसरे नंबर पर रही, वहीं शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है। इस चुनाव में कुछ सीटों पर मुकाबला बेहद कड़ा था, खासतौर पर वहां जहां उनकी सीधी टक्‍कर शिवसेना प्रत्‍याशी के साथ थी। ऐसी सीटों पर जीत-हार का अंतर भी बेहद कम रहा।

    नजदीक से हारे भाजपा नेता

    इस चुनाव के परिणाम आने के कुछ देर बाद मुंबई भाजपा के अध्‍यक्ष आशीष शेलार ने ट्वीट कर कहा कि उनके कुछ प्रत्‍याशी बेहद कम अंतरों से हारे हैं। हालांकि उन्‍होंने अपने ट्वीट में भाजपा के उस प्रत्‍याशी का जिक्र नहीं किया जो एक चार वर्षीय बच्‍ची की वजह से अपनी जीत दर्ज करवाने में कामयाब रहा था। इसकी वजह थी कि उनके खिलाफ मैदान में उतरे शिवसेना प्रत्‍याशी को भी एकसमान वोट मिले थे। बाद में इसका फैसला ड्राॅ के माध्‍यम से निकाला गया जिसमें भाजपा उम्‍मीद्वार ने बाजी मारी।

    नहीं चमकी इनकी किस्‍मत

    बीएमसी की लॉ कमेटी के पूर्व चेयरमैन महेश पारकर कि किस्‍मत इस बार नहीं चमक सकी और वह शिवसेना के विश्‍वनाथ महादेश्‍वर से महज 34 वोटों से हार गए। जेसल कोठारी भी शिवसेना उम्‍मीद्वार के हाथों 84 वोटों से हार गए। भाजपा के ही एक अन्‍य नेता कमला राज पुरोहित भी शिवसेना प्रत्‍याशी सुझाता पाटेकर से महज 17 वोटों से हार गए। वह मगथाने के वार्ड नंबर 4 से अपनी किस्‍मत आजमा रहे थे।

    केलकुलेशन नहीं हुई सही साबित

    वहीं विले पार्ले से भाजपा के संतोष केलकर को भी कांग्रेस के जगदीश अमीन के हाथों महज 48 वाेटों से हार का मुंह देखना पड़ा। केलकर का कहना था कि वह जीत कर अपने क्षेत्र के लिए काफी कुछ करना चाहते थे। पेशे से चार्टड अकाउंटेंट केलकर काफी समय से भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। उनका कहना था कि उनकी केलकुलेशन इसबार सही साबित नहीं हुई। इसकी वजह वह शिवसेना का भाजपा से अलग होना बताते हैं।

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