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    ममता बनर्जी ने नहीं दिया इस्तीफा तो कैसे बनेगा BJP का मुख्यमंत्री; क्या कहता है नियम?

    Updated: Tue, 05 May 2026 07:05 PM (IST)

    ममता बनर्जी, जो 15 साल तक मुख्यमंत्री रहीं, लेकिन इस बार अपनी विधानसभा सीट भी नहीं बचा पाईं। अगर ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देती हैं, तो कैसे बनेगा नया ...और पढ़ें

    ममता बनर्जी ने इस्तीफा नहीं दिया तो क्या?

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला है। राज्य में पहली बार बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी में है।

    ममता बनर्जी 15 साल तक बंगाल की मुख्यमंत्री रही हैं, लेकिन इस बार जब उनसे सत्ता छिनी तो वो अपनी विधानसभा सीट भी नहीं बचा पाईं।

    कैसे मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ेंगी ममता बनर्जी?

    ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा, 'मैं चुनाव नहीं हारी हूं, हमें हराया गया है।'

    ममता बनर्जी अगर इस्तीफा नहीं देती हैं तो भी राज्यपाल के पास पूरा हक है कि वो विधानसभा भंग कर दें।

    7 मई को 17वीं बंगाल विधानसभा के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद 8 मई को सदन भंग हो जाएगा, जिसके चलते सभी विधायकों की सदस्यता स्वतः ही रद हो जाएगी। इसके बाद ममता बनर्जी को इस्तीफा देना अनिवार्य भी नहीं है।

    Mamata Banerjee (8)

    क्या कहता है नियम?

    गुरुवार, 7 मई 2026 को 17वीं बंगाल विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में 7 मई के बाद ममता बनर्जी आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री मानी ही नहीं जाएंगी, क्योंकि विधानसभा के कार्यकाल के  समाप्त होने के बाद नए मुख्यमंत्री का निर्वाचन जरूरी होता है।

    मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवान देव इसरानी ने बताया, 'किसी भी राज्य में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद चुनाव आयोग नवनिर्वाचित विधायकों की अधिसूचना जारी करता है । इसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होती है।'

    भगवान देव इसरानी ने आगे बताया, 'बंगाल में जैसे ही चुनाव आयोग अधिसूचना जारी करेगा, विधानसभा का नया कार्यकाल शुरू हो जाएगा। नई सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद यदि ममता बनर्जी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देती हैं, तो राज्यपाल उन्हें पद से बर्खास्त कर नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।'

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    दिल्ली हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील डीके ने भी जागरण से बातचीत करते हुए बताया, 'एक सरकार पांच साल के लिए आती है और पांच साल का कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद हमारे यहां एक्सटेंशन का कोई नियम नहीं है। फिर यही तरीका रहता है कि राष्ट्रपति शासन लगा दो और चुनाव करा दो, क्योंकि ऐसे तो कोई भी इस्तीफा देगा ही नहीं।'

    हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील ने आगे कहा, 'अगर ममता बनर्जी इस्तीफा नहीं देंगी और अगर ऐसे तो हर कोई मुख्यमंत्री सोच ले कि वो इस्तीफा नहीं देगा, लेकिन जब कार्यकाल पूरा हो गया तो राज्यपाल उसके शासन को खत्म कर देगा।'

    ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया इनकार

    ममता बनर्जी ने आज मंगलवार दोपहर कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, 'मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मैं हारी नहीं हूं, मैं राजभवन नहीं जाऊंगी और मैं यह भी कहना चाहती हूं कि हम चुनाव नहीं हारे हैं। यह हमें हराने की उनकी कोशिश है।'

    ममता बनर्जी ने आगे कहा, 'आधिकारिक तौर पर, चुनाव आयोग के जरिए वे हमें हरा सकते हैं, लेकिन नैतिक तौर पर हम चुनाव जीत गए हैं।'

    इस बात को और मजबूती देते हुए TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, 'पिछले 3 महीनों से आचार संहिता लागू है। सरकार कौन चला रहा है? मुख्य सचिव। तो, पिछले 3 महीनों से, वह मुख्यमंत्री के तौर पर काम नहीं कर रही थीं। तो इस्तीफे का सवाल ही कहां उठता है?'

    बंगाल की राजनीति में अब आगे क्या होगा?

    विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया के मुताबिक, ममता बनर्जी से उम्मीद की जाती है कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगी, लेकिन जब तक नई सरकार शपथ नहीं ले लेती, तब तक वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर काम करती रहेंगी। लेकिन ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार के बाद इस प्रक्रिया में दखल आ सकता है।

    वहीं बीजेपी बहुमत वाली पार्टी होने के नाते, राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। इसके बाद राज्यपाल उसके नेता को शपथ लेने के लिए आमंत्रित करेंगे।

    TMC के पास क्या हैं ऑप्शन?

    बंगाल में जैसे ही सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी, TMC चुनावी नतीजों के जवाब में कई विकल्पों पर विचार कर सकती है। हालांकि, ममता बनर्जी के लिए मुख्यमंत्री पद से न हटने के अपने रुख पर कायम रहना मुश्किल हो सकता है।

    TMC कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकती है, जिसमें कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनावी याचिकाएं दायर करना भी शामिल है। जमीनी स्तर पर व्यापक राजनीतिक लामबंदी और इंडी गठबंधन के सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है।

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