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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    POK में सर्जिकल स्ट्राइकः तो भारत ने पाक पर चढ़ाई के लिए चेंज कर दिया है गियर

    By Gunateet OjhaEdited By:
    Updated: Thu, 29 Sep 2016 07:41 PM (IST)

    पाकिस्तान की दुर्दशा शुरू हो गई है। इसके संकेत मौजूदा समय में देश की सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहे एनएसए अजीत डोभाल ने लगभग डेढ़ साल पहले ह ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली, [गुणातीत ओझा]। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के ठिकाने पर भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल हमले से साफ हो गया है कि पाकिस्तान की दुर्दशा शुरू हो गई है। इसके संकेत मौजूदा समय में देश की सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहे एनएसए अजीत डोभाल ने लगभग डेढ़ साल पहले ही दे दिए थे। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान जो भी कह ले.. जो भी कर ले.. फिर भी वो जानता है कि भारत से युद्ध उसे हानि ही पहुंचाएगा। वो न्यूक्लियर पॉवर की बात कर ले। चीन से अच्छे रिश्ते की बात कर ले। भारत और चीन, भारत और पाकिस्तान केे लंबेे सीमा क्षेत्र की बात कर अपनी ताकत का एहसास कराने की कोशिश कर ले। अंत में पाकिस्तान जानता है कि अगर भारत ने गियर चेंज किया तो मुंबई जैसी घटना बलूचिस्तान में दोहरा सकती है।

    ''पाकिस्तान जानता है भारत ने गियर चेंज किया तो मुश्किल बढ़ जाएगी''

    अजीत डोभाल 7 जनवरी 2015 को शस्त्र विश्वविद्यालय में बोल रहे थे। तब उन्होंने कहा था कि अगर पाकिस्तान के पास ट्रिक है तो हमारे पास बेहतर ट्रिक है। हम चुप हैं क्योंकि हम अभी हिफाजती रवैया(Defensive Mode) अपनाए हुए हैं। लेकिन पाकिस्तान इस क्रम में हिंसक हो रहा है। डोभाल ने कहा था कि देश की सुरक्षा के लिए तीन तरीके होते हैं। पहला हिफाजती रवैया (Defensive Mode), दूसरा बचाव की मुद्रा में आक्रमण (Defensive Offence) और तीसरा आक्रामक (Offensive Mode)।

    इस तरीके से समझाया था डोभाल ने

    पहला हिफाजती रवैया (Defensive Mode)- डोभाल ने तब कहा था कि भारत हिफाजती रवैया अपनाए हुए है। इसमें हम हमला नहीं करते। पाकिस्तान अगर भारत पर 100 पत्थर फेंकेगा तो हम इसका बचाव करेंगे और ऐसी स्थिति में हम सिर्फ बचाव ही करते हैं जवाब नहीं देते। ऐसी स्थिति में हम जीत नहीं सकते बल्कि नुकसान हमारा ही है।

    दूसरा बचाव की मुद्रा में आक्रमण (Defensive Offence)- दूसरी मुद्रा बचाव के दौरान आक्रमण की होती है। इस मुद्रा में देश की सुरक्षा पर घात होने पर हम आक्रामक रवैया अपनाते हैं। उस जगह को तलाशते हैं जहां से हमला हो रहा है और वहां पर हमला करते हैं। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान जानता है कि भारत से पार पाना मुश्किल है। इस मोड में हम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था, राजनीतिक भूमि पर वार कर सकते हैं। उसे विश्व से अलग करने का अभियान चला सकते हैं। अगर हमने यह रवैया अपनाया तो पाकिस्तान हमारे इस रवैये को झेल नहीं पाएगा। यह पाकिस्तान भी जानता है।

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    तीसरा आक्रामकता (Offensive Mode)- अजीत डोभाल ने तीसरा जो तरीका आक्रामकता (Offensive Mode) बताया था। इस तरीके में दोनों देश अपना सारा दम-खम झोंक सकते हैं। सभी हथियारों की ताकत.. यहां तक कि न्यूक्लियर हथियार का इस्तेमाल भी हो सकता है।

    तब जो कहा अब हकीकत में बदल रहा है

    गौर करा जाए तो शस्त्र विश्वविद्यालय में एनएसए अजीत डोभाल ने जो कहा था.. वो बातें हकीकत में बदलती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने देश की सुरक्षा में जिस डिफेंसिव मोड की बात की थी वो आज गुरुवार को पीओके में हुए सर्जिकल अॉपरेशन से साफ साबित हो रही है। यानि यह माना जा सकता है कि भारत ने अपना रवैया बदल दिया है। अब पाकिस्तान की नापाक हरकतों का करारा जवाब देने के लिए भारत कुछ भी कर सकने के लिए तैयार है।

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