'हम बातचीत कर रहे हैं', ट्रंप के नए टैरिफ प्रपोजल पर भारत ने दिया रिएक्शन
भारत और अमेरिका के बीच 1 जून से व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है। भारत, अमेरिका के प्रस्तावित सेक्शन 301 टैरिफ उपायों पर लगातार चर्चा कर रहा है। ...और पढ़ें
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अमेरिका के नए टैरिफ प्रपोजल पर बातचीत जारी (फोटो-रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच 1 जून से ट्रेड डील पर बातचीत चल रही है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने आज बुधवार को बताया कि भारत, सेक्शन 301 की कार्यवाही के तहत प्रस्तावित टैरिफ उपायों पर अमेरिका के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।
इसके साथ ही मंत्रालय ने बताया कि वॉशिंगटन के साथ द्विपक्षीय व्यापार फ्रेमवर्क समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में भी काम चल रहा है।
भारत-अमेरिका के बीच टैरिफ पर बातचीत
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक, यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने भारत सहित 60 अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े उन उपायों की जांच पूरी कर ली है, जिन्हें इन अर्थव्यवस्थाओं ने माल के आयात को रोकने के लिए अपनाया था।
जांच के बाद, USTR ने 1974 के US व्यापार अधिनियम के सेक्शन 301 के तहत इन 60 अर्थव्यवस्थाओं से होने वाले आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है।
हालांकि, जो उत्पाद पहले से ही सेक्शन 232 टैरिफ के दायरे में आते हैं, उन्हें कुछ अन्य श्रेणियों के साथ, प्रस्तावित उपायों से बाहर रखा गया है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बयान में कहा, 'भारत, सेक्शन 301 की कार्यवाही के हिस्से के रूप में इस मामले पर US के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।'
मंत्रालय ने आगे कहा कि भारत, फ्रेमवर्क समझौते को अंतिम रूप देने के संबंध में भी US के साथ समानांतर चर्चा में लगा हुआ है। इस बात की घोषणा 2 फरवरी, 2026 की गई थी और 7 फरवरी को दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी किया था।
7 जुलाई को होगा अंतिम फैसला
सरकार ने बताया कि US की तरफ से प्रस्तावित टैरिफ उपाय अभी अंतिम नहीं हैं। हितधारकों को 22 जून तक सार्वजनिक सुनवाई में भाग लेने के लिए और अपनी बात रखने के लिए आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा लिखित टिप्पणियां 6 जुलाई तक जमा की जा सकती हैं।
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प्रस्तावित उपायों पर सार्वजनिक सुनवाई 7 जुलाई को निर्धारित है, जिसके बाद USTR अंतिम निर्णय लेने से पहले जमा किए गए दस्तावेजों और गवाहियों पर विचार करेगा।
दोनों देशों के व्यापार अधिकारियों ने हाल के महीनों में कई दौर की चर्चाएं की हैं, क्योंकि वे प्रस्तावित समझौते को आगे बढ़ाना चाहते हैं और टैरिफ, बाजार पहुंच और गैर-टैरिफ बाधाओं से संबंधित चिंताओं को दूर करना चाहते हैं। सरकार ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर परामर्श प्रक्रिया के तहत अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत जारी रहेगी।
(समाचार एजेंसी एएनआइ के इनपुट के साथ)
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