Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Jeju Island जाने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी, इंफ्लुएंसर को हिरासत में रखने के बाद हुआ था विवाद

    Updated: Tue, 24 Feb 2026 07:33 PM (IST)

    सियोल स्थित भारतीय दूतावास ने जेजू आइलैंड जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। यह कदम एक भारतीय इंफ्लुएंसर को हिरासत में रखने ...और पढ़ें

    एंफ्लुएंसर सचिन अवस्थी ने इमीग्रेशन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे

    एंफ्लुएंसर सचिन अवस्थी ने इमीग्रेशन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया के जेजू आइलैंड पर भारतीय इंफ्लुएंसर को 38 घंटे तक हिरासत में रखने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में सियोल में स्थित भारतीय दूतावास ने जेजू जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।

    एंबेसी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, 'समय-समय पर सियोल में भारतीय दूतावास को जेजू आइलैंड जाने वाले भारतीय यात्रियों को होने वाली दिक्कतों या एंट्री से मना करने के बारे में पता चलता है। ऐसी संभावनाओं को कम करने के लिए वीजा वेवर स्कीम के तहत जेजू आइलैंड जाने की योजना बना रहे भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे इन बातों का ध्यान रखें।'

    sachin awasthi detained

    वीजा वेवर स्कीम मतलब एंट्री की गारंटी नहीं

    एडवाइजरी के मुताबिक, 'जेजू वीजा फ़्री सुविधा के तहत एंट्री सिर्फ शॉर्ट टर्म टूरिज़्म के लिए है। रिपब्लिक ऑफ कोरिया में फाइनल एंट्री सिर्फ जेजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा कोरियाई कानून के अनुसार तय की जाती है। वीजा वेवर स्कीम एंट्री की गारंटी नहीं देती है।'

    एंबेसी ने भारतीय यात्रियों को कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट की प्रिटेंड कॉपी भी साथ रखने की सलाह दी है। इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि सिर्फ मोबाइल में स्क्रीनशॉट रखना सही नहीं है। महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट में कन्फर्म्ड रिटर्न एयर टिकट, पूरे स्टे के लिए होटल रिजर्वेशन, डिटेल्ड ट्रैवल आइटिनरी (हर दिन का प्लान), पर्याप्त फंड का प्रूफ़ (हाल के बैंक स्टेटमेंट/इंटरनेशनल कार्ड/फ़ॉरेक्स), कम से कम 6 महीने के लिए वैलिड पासपोर्ट, ट्रैवल इंश्योरेंस (जरूरी) और रहने की जगह की कॉन्टैक्ट डिटेल्स शामिल है।

    दूतावास ने स्पष्ट किया है कि जो पैसेंजर अपना ट्रैवल प्लान साफ-साफ नहीं बता पाते, उन्हें एंट्री से मना किया जा सकता है। एंबेसी ने यह भी सलाह दी है कि ट्रैवलर्स को रोज के खर्च, रहने की जगह का पेमेंट और ट्रांसपोर्ट अरेंजमेंट सहित रहने के समय के लिए काफी फाइनेंशियल कैपेसिटी दिखानी चाहिए। इमिग्रेशन अथॉरिटीज इससे जुड़े सवाल पूछ सकती हैं, जिनके जवाब विजिटर्स से टूरिज्म के मकसद के हिसाब से मिलने की उम्मीद की जाएगी।

    खबरें और भी

     
     
     
    View this post on Instagram

    A post shared by Sachin Awasthi (@sachinawasthiunscripted)

    इमीग्रेशन इंटरव्यू के लिए सलाह

    दूतावास ने बताया, 'पहुंचने पर इमिग्रेशन ऑफिसर इंटरव्यू ले सकते हैं। कृपया शांत और कोऑपरेटिव रहते हुए साफ, सच और लगातार जवाब दें। इसके अलावा अपने आइटिनरी और रहने की जगह की डिटेल्स जानें। इमिग्रेशन ऑफिसर के संतुष्ट न होने पर एंट्री से मना किया जा सकता है।'

    एंबेसी ने कहा कि जेजू वीजा वेवर मेनलैंड कोरिया की यात्रा की इजाजत नहीं देता है। बिना वीजा के जेजू से मेनलैंड कोरिया जाने की कोशिश करना गैर-कानूनी है। ओवरस्टे या बिना इजाजत के एक्टिविटी करने पर भविष्य में ट्रैवल बैन लग सकता है।

    वापसी का भी बताया नियम

    एंबेसी ने बताया कि अगर एंट्री से मना कर दिया जाता है, तो पैसेंजर को उसी एयरलाइन की अगली उपलब्ध फ्ला इट से वापस भेज दिया जाएगा। उस स्थिति में फ्लाइट शेड्यूल के आधार पर होल्डिंग फैसिलिटी में कुछ समय के लिए रुकना पड़ सकता है।

    एंबेसी ने यह भी स्पष्ट किया कि सियोल स्थित भारतीय दूतावास एंट्री के मामलों में इमीग्रेशन अथॉरिटी के फैसलों को पलटने की स्थिति में नहीं है। हालांकि एंबसी ने कहा कि वह होल्डिंग फैसिलिटी में भारतीय नागरिकों को सही मदद देने के लिए RoK (रिपब्लिक ऑफ कोरिया) अथॉरिटी की मदद मांगेगा।

    दूतावास ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

    एंबेसी ने ऐसी स्थिति में भारतीय नागरिकों को मदद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कुछ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए। एंबेसी ने कहा कि भारतीय नागरिक ऑफिस के समय में तय टेलीफोन नंबर +82-2-792-4257, एक्सटेंशन 407 (ऑपरेटर) और तय ईमेल एड्रेस cons.seoul@mea.gov.in पर एम्बेसी के कॉन्सुलर विंग से संपर्क कर सकते हैं।

    एम्बेसी का एक इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर भी है: 010-9356-4188 , जिसके जरिए इमीग्रेशन से जुड़ी दिक्कतों का सामना कर रहे भारतीय नागरिक ऑफिस के बाद वीकेंड और छुट्टियों में मदद के लिए एंबेसी से कॉन्टैक्ट कर सकते हैं।

    क्या है विवाद?

    दरअसल भारतीय इंफ्लुएंसर सचिन अवस्थी अपनी पत्नी के साथ जेजू आइलैंड पर छुट्टियां मनाने के लिए गए थे। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया है कि जेजू लैंड करने के बाद इमीग्रेशन अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उनसे किसी अपराधी की तरह बर्ताव किया।

    सचिन ने इस संबंध में एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी शिकायत एंट्री से मना करने के लिए नहीं है। सचिन ने कहा, 'एंट्री से मना करना उनका अधिकार है, लेकिन मुझे शिकायत इस बात से है कि हमारे साथ अपराधियों जैसा बर्ताव क्यों किया गया।' सचिन ने एयरलाइन पर लौटने के लिए 10 गुना किराया लेने का भी आरोप लगाया है।

    यह भी पढ़ें- '38 घंटे तक हिरासत में रख किया गया अपराधियों जैसा व्यवहार' भारतीय इंफ्लुएंसर का दक्षिण कोरिया में मानसिक टॉर्चर