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    '3...2...1 और गो', वो पल जब भारत का पहला प्राइवेट स्पेस रॉकेट हुआ लॉन्च; Video

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 02:17 PM (IST)

    आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से स्काईरूट एयरोस्पेस के पहले प्राइवेट रॉकेट विक्रम-1 ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। यह भारत के तेजी से बढ़ते प्राइवेट स्पेस से ...और पढ़ें

    स्काईरूट के विक्रम-1 की लॉन्चिंग।

    स्काईरूट के विक्रम-1 की लॉन्चिंग।

    HighLights

    1. विक्रम-1 भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट है।

    2. यह कार्बन कम्पोजिट से बना, हल्का और मजबूत है।

    3. इसमें अंतरिक्ष मलबे हटाने की रोबोटिक आर्म तकनीक है।

    डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से आज स्काईरूट एयरोस्पेस के प्राइवेट रॉकेट विक्रम-1 ने उड़ान भरी। यह भारत के तेजी से बढ़ते प्राइवेट स्पेस सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि इसकी लॉन्चिंग तय समय पर नहीं हुई।

    टेक-ऑफ से 10 सेकंड पहले स्काईरूट टीम ने काउंटडाउन शुरू किया। 3, 2, 1, 0 पर रॉकेट लॉन्च हुआ। इस दौरान रॉकेट के बेस से तेज नारंगी लपटें और सफेद धुएं के बड़े-बड़े गुबार निकले। इसके बाद रॉकेट को आसमान की ओर जाते हुए आग और धुएं की एक चमकदार लकीर में बदलते हुए देखा गया।

    विक्रम- के बारे में सबकुछ जानें

    • विक्रम-1 भारत का पहला प्राइवेट तौर पर विकसित रॉकेट है, जिसे सैटेलाइट को ऑर्बिट में पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है।
    • इसे पूरी तरह से कार्बन कम्पोजिट स्ट्रक्चर से बनाया गया है। इसका मटीरियल पारंपरिक रॉकेट-ग्रेड स्टील की तुलना में हल्का और मजबूत है, जिससे इसकी परफॉर्मेंस बेहतर होती है।
    • पहली बार है जब विक्रम-1 का ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल पूरी तरह से 3डी-प्रिंटेड लिक्विड इंजन से चलता है।
    • विक्रम-1 भारत का सबसे लंबा मोनोलिथिक कार्बन कम्पोजिट रॉकेट स्टेज है, जो देश में कम्पोजिट मैन्युफैक्चरिंग और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में हुई तरक्की को दिखाता है।
    • इसमें रॉकेट स्टेज और पेलोड फेयरिंग को अलग करने के लिए एडवांस्ड न्यूमेटिक सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है।
    • पेलोड में EMBRACE मिशन भी शामिल है, जिसमें भविष्य में अंतरिक्ष के मलबे को हटाने के लिए डिजाइन की गई रोबोटिक आर्म टेक्नोलॉजी है। यह मिशन पृथ्वी के भीड़-भाड़ वाले ऑर्बिटल माहौल को साफ करने वाली टेक्नोलॉजी को टेस्ट करने का एक प्लेटफॉर्म है।
    • मिशन आगमन के तहत लॉन्च किए गए रॉकेट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश वंदे मातरम् लिखा हुआ एक कार्ड है। साथ ही दुनिया भर के समर्थकों की ओर से सैकड़ों शुभकामना संदेश भी हैं।
    • इस रॉकेट में एक छोटा सा सोने का रॉकेट भी है, जिसमें डॉ. विक्रम साराभाई, सर सी.वी. रमन और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की सूक्ष्म मूर्तियां हैं। साथ ही, इसमें आर्टिस्टिक पेलोड के तौर पर कॉस्मिक ब्लूम नाम का लैब में बना हीरा भी है।

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