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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chandrayaan-3 की कामयाबी पर NASA ने दी बधाई, यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने बताया ऐतिहासिक

    By Sonu GuptaEdited By: Sonu Gupta
    Updated: Wed, 23 Aug 2023 09:52 PM (IST)

    भारत का मून मिशन चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर बुधवार को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग कर इतिहास रच दिया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISR ...और पढ़ें

    Chandrayaan-3 के चांद पर इतिहास रचने के बाद NASA ने दी बधाई। फाइल फोटो।
    Chandrayaan-3 के चांद पर इतिहास रचने के बाद NASA ने दी बधाई। फाइल फोटो।

    नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। भारत का मून मिशन चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर बुधवार को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग कर इतिहास रच दिया। भारत चांद की सतह पर इस उपलब्धि को हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश और चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश बन गया है।

    पूरी दुनिया मना रही है जश्न

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के इस उपलब्धि पर भारत ही नहीं पूरी दुनिया जश्न मना रही है। वहीं, अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा सहित दुनिया के कई अंतरिक्ष एजेंसियां इसरो की इस उपलब्धि पर बधाई दी है। नासा ने इसरो की इस उपलब्धि पर इसरो की बधाई दी है।

    NASA एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन ने इसरो को दी बधाई

    अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन ने चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग करने पर इसको को बधाई दी है। उन्होंने कहा

    चंद्रयान-3 के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग पर इसरो को बधाई! चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान की सफलतापूर्वक सॉफ्ट-लैंडिंग करने वाला चौथा देश बनने पर भारत को बधाई। हमें इस मिशन में आपका भागीदार बनकर खुशी हो रही है।

    यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने क्या कहा?

    वहीं, यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने इस उपलब्धि के लिए इसरो को बधाई दी है। एजेंसी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, इसरो और चंद्रयान-3 की पूरी टीम को बधाई।" एजेंसी ने कहा

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    इसरो ने अपने चंद्रयान-3 लैंडर मॉड्यूल को चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतार दिया है। हम लैंडर और रोवर की चंद्रमा की सतह पर संचालन में सहयोग करने के लिए तत्पर हैं और इसके बाद इसरो के आगामी आदित्य-एल1 सौर मिशन के लिए भी अपना समर्थन देंगे।

    यूरोपीय स्पेस एजेंसी के महानिदेशक ने बताया ऐतिहासिक पल

    वहीं, यूरोपीय स्पेस एजेंसी के महानिदेशक जोसेफ एशबैकर (Josef Aschbacher) ने इसरो की इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया।

    उन्होंने कहा

    अविश्वसनीय! इसरो और भारत के सभी लोगों को बधाई। इस लैंडिंग से मैं पूरी तरह से प्रभावित हूं। उन्होंने अपने एक अन्य पोस्ट में कहा कि इसरो ने आज चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ऐतिहासिक लैंडिंग की है। इस मिशन में यूरोपीय स्पेस एजेंसी की भी महत्वपूर्ण भूमिका थी।