NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा, बायोलॉजी की शिक्षिका भी गिरफ्तार; NTA के अफसरों पर गहराया शक
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी के बाद बायोलॉजी शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंडहरे को भी गिरफ्तार किया है। जांच अब नेशनल ...और पढ़ें
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NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा बायोलॉजी की शिक्षिका भी गिरफ्तार (फाइल फोटो)
HighLights
नीट पेपर लीक में बायोलॉजी शिक्षिका मनीषा मंडहरे गिरफ्तार।
सीबीआई को एनटीए के शीर्ष अधिकारियों पर गहरा शक।
लीक हुए प्रश्नपत्र व्हाट्सएप और टेलीग्राम से प्रसारित हुए।
नीलू रंजन, नई दिल्ली। केमेस्ट्री का पेपर लीक करने वाले लेक्चरर पीवी कुलकर्णी के बाद सीबीआइ ने बायोलाजी का पेपर लीक करने वाली मनीषा गुरूनाथ मंडहरे को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पूणे के रहने वाले हैं।
पीवी कुलकर्णी की तरह बोटनी (वनस्पति विज्ञान) की वरिष्ठ शिक्षिका मनीषा गुरूनाथ ने भी मनीषा बाघमरे के घर पर स्पेशल क्लास में छात्रों को बोटनी और जूलाजी दोनों के प्रश्नपत्र व उत्तर बताए थे, जो बाद में नीट की परीक्षा में हूबहू आए। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की जांच नीट परीक्षा आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के शीर्ष अधिकारियों पर टिक गई है।
सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार कुलकर्णी और मंडहरे की गिरफ्तारी के बाद नीट का पेपर पूणे, नासिक, गुरूग्राम होते हुए जयपुर तक पहुंचने और बाद में व्हाट्सअप और टेलीग्राम चैनल तक पहुंचने की सारी कडि़यां खुल गई है और उनमें शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जांच है जारी
अब सिर्फ इस बात का पता लगाया जा रहा है कि पीवी कुलकर्णी और मनीषा गुरूनाथ मंडहरे को ये पेपर किसने दिए। सीबीएससी, जेईई, नीट समेत तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सभी विषयों के प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए पूरे देश से शिक्षकों के पैनल बनाने का प्रोटोकाल है।
हर विषय के 100-150 शिक्षकों द्वारा अलग-अलग तैयार प्रश्नों को मिलाकर अंतिम प्रश्न पत्र तैयार किया जाता है। यानी किसी भी शिक्षक को यह नहीं पता होता है कि उसका कौन सा प्रश्न अंतिम प्रश्नपत्र में शामिल होगा। लेकिन कुलकर्णी और मंडहरे के पास केमेस्ट्री और बायोलाजी के सारे प्रश्न थे, जिन्हें उन दोनों ने मनीषा बाघमरे के घर पर छात्रों को बताया।
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जांच से जुड़े सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अंतिम प्रश्नपत्र की जानकारी एनटीए में चंद शीर्ष अधिकारियों को होती है। इन्हीं अधिकारियों की प्रश्नपत्र के प्रिंटिंग प्रेस से छपने की प्रक्रिया की निगरानी करने की जिम्मेदारी होती है।
पीवी कुलकर्णी और मनीषा गुरूनाथ मंडहरे के प्रश्न पत्र तैयार करने वाली टीम में शामिल होने से इस आशंका की पुष्टि होती है कि इन दोनों को जानने वाले एनटीए के किसी वरिष्ठ अधिकारी, जिसकी पहुंच अंतिम प्रश्नपत्र तक थी, ने पेपर लीक कर दिया।
पता लगाने में जुटी CBI
बोटनी की शिक्षिका होने के बावजूद जिस तरह से मंडहरे ने जूलाजी के प्रश्न भी छात्रों को बताए, उससे इस आशंका को और बल मिलता है। सीबीआई यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रश्न पत्र सिर्फ कुलकर्णी को लीक किये गए थे या फिर दोनों को।
सीबीआई को एक बात और खटक रही है कि पूणे, लातूर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में पढ़ाने वाले कुलकर्णी और मंडहरे को किसके कहने पर प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कमेटी में शामिल किया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ऐसा करना परीक्षा प्रणाली की शुचिता के खिलाफ है।
अभी तक जांच में सामने आई पूरी तस्वीर
सीबीआई की अभी तक जांच में नीट पेपर के पूणे, नासिक, गुरूग्राम से लेकर जयपुर पहुंचने की सारी कडि़यां जुड़ गईं है। पूणे से गिरफ्तार मनीषा बाघमारे पहले को¨चग में पीवी कुलकर्णी की छात्रा रह चुकी हैं। नीट का पेपर हाथ में आने के बाद कुलकर्णी ने मनीषा से संपर्क किया और नीट के कुछ छात्रों के स्पेशल क्लास के लिए जुटाने को कहा।
इन छात्रों से लगभग 600 अंकों के साथ नीट परीक्षा पास कराने, जिससे अच्छे मेडिकल कालेज में एडमिशन सुनिश्चित हो जाए, की गारंटी के साथ लाखों रुपये वसूले गए। कुलकर्णी और मंडहरे ने नीट की परीक्षा में आने वाले 180 में से 140 प्रश्नपत्र इन छात्रों को बता दिया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इतने प्रश्न सही हल करने से लगभग 600 अंक सुनिश्चित हो जाते हैं। सीबीआइ के सूत्रों के अनुसार मनीषा बाघमारे ने हाथ लिखे प्रश्नपत्रों को नासिक के शुभम खैरनार को दिया। जिसने उसका पीडीएफ बनाकर अहिल्यानगर के धनंजय लोखांडे और गुरूग्राम के यश यादव को भेज दिया।
पहले कई बार नीट की परीक्षा दे चुका यश यादव जयपुर के मांगीलाल के बड़े बेटे के साथ कोचिंग कर चुका था। लेकिन दोनों को सफलता नहीं मिली थी। यश यादव ने मांगीलाल से संपर्क किया और छोटे बेटे के अच्छे अंकों के नीट पास कराने की गारंटी के साथ पेपर देने की बात कही।
कैसे लीक हुआ पेपर?
यहां तक की मांगीलाल से यश यादव से पैसे भी नहीं लिए। परीक्षा में प्रश्नपत्र मिलने के बाद पैसे लेने के आश्वसान के साथ यश ने मांगीलाल के बेटे के परीक्षा के मूल प्रमाण पत्र अपने पास रख लिए थे।
मांगीलाल ने बेटे के नीट पास करने के साथ और अधिक पैसा बनाने का फैसला किया और वहीं से गेस पेपर के नाम पर व्हाट्सअप और टेलीग्राम पर यह प्रसारित होने लगा। तीन मई को हुी परीक्षा में गेसपेपर और मूल प्रश्नपत्र के प्रश्नों के हूबहू मेल खाने के बाद पेपर लीक का खुलासा हुआ और एनटीए को परीक्षा रद्द करने का फैसला करना पड़ा।