बदलाव के महानायक: 4 नए चेहरे जिन्होंने दिग्गजों के किले ढहाकर रचा इतिहास
देश के हालिया विधानसभा चुनावों में 4 नए चेहरों ने राजनीतिक दिग्गजों को हराकर इतिहास रचा है। ...और पढ़ें

डॉ. राजेश कुमार, युवा वकील कौस्तुभ बागची, फातिमा ताहिलिया और डॉ. एमएस रवि की फाइल फोटो। (सोर्स - सोशल मीडिया)
HighLights
पूर्व आईपीएस डॉ. राजेश कुमार ने जीती जगतदल सीट
युवा वकील कौस्तुभ बागची ने बैरकपुर से दर्ज की जीत
फातिमा ताहिलिया इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की पहली महिला विधायक बनीं
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में हाल ही में हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में जनता ने पार्टी सहित कई नए चेहरे पर भरोसा दिखाया है। जीत की यह कहानियां भले ही बहुत बड़ी नहीं नजर आती है, लेकिन यह नए चेहरों साहस और योग्यता के चुनाव को दर्शाता है।
इस लिस्ट में पूर्व आईपीएस अधिकारी से लेकर युवा वकील तक और साहसी महिला नेता से लेकर समाज के लिए सोचने वाले डॉक्टर तक का नाम है। बदलाव का झंडा लेकर, दशकों पुराने राजनीतिक किलों को इन लोगों ने ढहा दिया है। इनमें से किसी के पास बेहतर प्रशासनिक अनुभव है तो किसी के पास कानूनी लड़ाई लड़ने का तजुरबा। सामाजिक सरोकारों को आगे रखने वाले इन नए चेहरों ने चुनावी इतिहास की नई पटकथा लिख दी है।
खाकी से खादी तक का सफर
बंगाल में डॉ. राजेश कुमार ने भाजपा के टिकट पर उत्तर 24 परगना की जगतदल सीट से जीत दर्ज की है। 1990 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी और कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर डॉ. कुमार ने टीएमसी के मौजूदा विधायक सोमनाथ श्याम को 20,909 वोटों के बड़े अंतर से हराया है। उनका कहना है कि, लोगों को ममता से छुटकारा चाहिए था। इसी का नतीजा है कि, भारी बहुमत देकर लोगो ने भाजपा को चुना।

अपमान की आग में बाल मुंडवा कर कसम खाई थी
कलकत्ता हाई कोर्ट के युवा वकील कौस्तुभ बागची ने बैरकपुर सीट से जीत दर्ज की है। मार्च 2023 में सीएम पर टिप्पणी मामले में इनको घर से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जेल से छूटते ही सिर मुंडवा कर कसम खाई थी कि, जब तक सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता से नहीं हटाते, बाल नहीं रखेंगे। उनके अपमान का बदला लोगों ने वोट देकर लिया है।
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75 साल के इतिहास को बदल दिया
फातिमा ताहिलिया केरल की पेराम्बरा सीट से जीती हैं। वे इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के 75 साल के इतिहास में बनने वाली पहली महिला विधायक हैं। 2021 में अपने ही नेताओं के खिलाफ यौन शोषण मामले में आवाज उठाने पर उन्हें पद से हटा दिया गया था। हालांकि, बाद में पार्टी ने गलती सुधारी और मौका दिया। इसका असर भी देखने को मिला और लोगों ने इनको जीत से नवाजा।

स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली खत्म करने के लिए लड़ा चुनाव
तमिलनाडु की पोनेरी (एससी) सीट से डॉ. एमएस रवि की जीत हुई है। 67 वर्षीय डॉ. रवि कार्डियोलॉजिस्ट हैं। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को देखते हुए उन्होंने राजनीति में कदम रखा और अभिनेता विजय की पार्टी का दामन थामा। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मौजूदा विधायक को 55,768 वोटों से हरा कर इतिहास रच दिया है।
