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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अब पन्नीरसेलवम खेमे ने शशिकला और उनके रिश्तेदारों को पार्टी से हटाया

    By Mohit TanwarEdited By:
    Updated: Fri, 17 Feb 2017 08:15 PM (IST)

    उल्लेखनीय है कि शशिकला मंगलवार को ही पन्नीरसेलवम और उनके कुछ समर्थकों को पार्टी से बर्खास्त कर चुकी हैं। ...और पढ़ें

    अब पन्नीरसेलवम खेमे ने शशिकला और उनके रिश्तेदारों को पार्टी से हटाया
    अब पन्नीरसेलवम खेमे ने शशिकला और उनके रिश्तेदारों को पार्टी से हटाया

    चेन्नई, प्रेट्र। अन्नाद्रमुक प्रमुख शशिकला के खिलाफ बगावत करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेलवम खेमे ने शुक्रवार को नए सियासी ड्रामे में पलटवार किया। नवनियुक्त मुख्यमंत्री ईके पलानीसामी के शक्ति परीक्षण से एक दिन पहले पन्नीर गुट ने शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को अन्नाद्रमुक के 'सिद्धांतों और आदर्शो के खिलाफ जाने के लिए' पार्टी से हटा दिया।

    उल्लेखनीय है कि शशिकला मंगलवार को ही पन्नीरसेलवम और उनके कुछ समर्थकों को पार्टी से बर्खास्त कर चुकी हैं। शशिकला द्वारा पार्टी अध्यक्ष मंडल के चेयरमैन पद से हटाए गए ई. मदुसूदनन ने एक वक्तव्य में कहा कि शशिकला ने दिवंगत जयललिता से वादा किया था कि वह राजनीति में नहीं आएंगी।

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    सरकार या पार्टी का हिस्सा बनने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है, उन्होंने इस वादे का उल्लंघन किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शशिकला से कोई संबंध नहीं रखने को कहा। दूसरी ओर, पन्नीरसेलवम खेमे ने विधानसभा स्पीकर से मुलाकात कर शनिवार को सदन में पेश होने वाले विश्वास प्रस्ताव पर गुप्त मतदान कराने की मांग की है।

    मदुसूदन ने कहा- 'पार्टी के सिद्धांतों और आदर्शो के खिलाफ जाने और अम्मा से किए वादे का उल्लंघन करने के लिए वीके शशिकला को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से हटाया जाता है। उन पर आपराधिक मामले भी हैं। उन्होंने पार्टी की छवि खराब की है।' मदुसूदनन ने अन्नाद्रमुक के उप महासचिव टीटीवी दिनाकरन और एस. वेंकटेश को भी पार्टी से निष्कासित किए जाने की घोषषणा की। ये दोनों शशिकला के रिश्तेदार हैं।

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    उन्होंने कहा कि साल 2011 में जयललिता ने दोनों को छह वर्षो के लिए पार्टी से बाहर कर दिया था, क्योंकि उन्होंने अम्मा के साथ 'गद्दारी' की थी। मदुसूदन ने कहा- 'पार्टी में उन्हें बगैर किसी औपचारिकता के शामिल किया गया था, जिसे अब रद्द किया जाता है।' यह देखना दिलचस्प होगा कि पन्नीर गुट की इस 'कार्रवाई' का क्या असर होता है। वैसे यह गुट गुरवार को चुनाव आयोग में भी अर्जी देकर शशिकला को पार्टी महासचिव पद पर चुनाव को 'शून्य' घोषित करने की मांग कर चुका है।