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    'कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलें पीएम मोदी', प्रियंका गांधी ने पेपर लीक विरोधी कानून पर सरकार पर साधा निशाना

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 09:16 PM (IST)

    विपक्ष ने लोकसभा में पेपर लीक विरोधी कानून पर चर्चा के दौरान छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए। ...और पढ़ें

    एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी (फोटो-पीटीआई)

    एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी (फोटो-पीटीआई)

    HighLights

    1. छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग को लेकर सरकार पर हमला।

    2. प्रियंका गांधी ने कहा लाठियां सरकार की साख पर पड़ीं।

    3. युवाओं के भविष्य की चोरी को बताया सबसे बड़ा अपराध।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। विपक्ष ने छात्रों के आंदोलन के दबाव में आयी सरकार पर लोकसभा में पेपर लीक विरोधी कानून पर चर्चा के दौरान युवाओं के खिलाफ पुलिस के बल प्रयोग को लेकर तीखे हमलों की बौछार की।

    छात्रों के समर्थन में विपक्ष के हमलों का सबसे आक्रामक मोर्चा खोलते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा छात्रों को सड़कों से हटाया जा सकता है लेकिन उनके सवालों को नहीं और सच यही है कि वो लाठियां बच्चों की पीठ से ज्यादा मोदी सरकार की साख पर पड़ी है।

    प्रियंका गांधी ने सरकार से पूछे सवाल

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह से सीधे सवाल करते हुए उन्होंने इसका जवाब मांगा कि छात्रों पर पैलेट गन और एके-47 हथियार चलाने का आदेश किसने दिया।

    वहीं पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, 'अगर वे जेन जी का दिल जीतना चाहते हैं तो केवल कैमरे के एंगल बदल वीडियो बनाने से कोई फायदा नहीं होगा, प्रधानमंत्री को अपने दिल का एंगल बदलना होगा क्योंकि इस पीढ़ी में "झूठ" को पहचानने की जबरदस्त क्षमता है।'

    लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 पर विपक्ष की ओर से चर्चा की शुरूआत वैसे कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने की और सरकार को घेरने में अपनी तरफ से कसर नहीं छोड़ी।

    मगर प्रियंका गांधी ने विपक्षी हमलों को धारदार बनाते हुए कहा कि देश के नौजवान न्याय मांग रहे हैं-भीख नहीं। वे सरकार गिराने नहीं, अपना भरोसा बचाने के लिए आए थे।

    गृह मंत्री अमित शाह और पीएम मोदी को जवाब देना होगा कि बच्चों पर हमला करने का आदेश किसने दिया? जंतर-मंतर पर छात्रों पर बल प्रयोग का जिक्र करते हुए पूछा कि छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने, लाठियां बरसाने और नौजवान लड़कियों को जलील करते हुए उनके कपड़े फाड़ने तथा उनको बेरहमी से पिटवाने की क्या जरूरत थी? पैलेट गन, एके-47 चलवाने की क्या जरूरत थी क्या वे आतंकवादी हैं?

    सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा कि ये सदन सांसदों की जागीर नहीं देश की अमानत है। संविधान हमारे लिए सर-आंखों पर है और लोकतंत्र सर्वोपरि है। इसे ध्वस्त करना पाप है।

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    पेपर लीक विधेयक की चर्चा करते हुए कहा कि 2024 में जब यह विधेयक पारित हुआ तब से सरकार ने आज तक एक भी अपराधी को सजा नहीं दी।

    विरोध प्रदर्शन करने वाले बच्चों के चेहरे पहचान कर उनके नाम सार्वजनिक किए जा पर पेपर लीक के अपराधियों के साथ ऐसा नहीं किया गया।

    परीक्षा सुधार पर उच्चस्तरीय समिति के गठन पर तंज कसते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री सच्चाई से बहुत दूर हो चुके हैं और उन्हें समझना होगा कि सिर्फ नई-नई कमेटियां बनाने से काम नहीं चलेगा।

    युवाओं का भरोसा पूरे सिस्टम से टूट चुका है और फिर से इसे कायम करने के लिए सिस्टम के अंदर से जवाब नहीं ढूंढा जा सकता। जरूरी है कि केवल आरएसएस के लोगों से नहीं दूसरे विचारों के विद्वानों-विशेषज्ञों से बात कर शिक्षा प्रणाली में सुधार किया जाए।

    'सरकार की साख पर पड़ीं लाठियां'

    प्रियंका गांधी ने कहा, मुझे सरकार से सिर्फ इतना ही कहना है, अपनी साख बचाइए, नीयत ठीक करिए, अकड़ का इलाज कीजिए और अपने वादों पर अमल कीजिए, क्योंकि हमने इस सरकार में बड़ी-बड़ी चोरियां देखी हैं। चुनावों में वोट चोरी। राम मंदिर में चंदा चोरी। किसानों की जमीन की चोरी।

    उद्योगपतियों द्वारा देश की संपत्तियों की चोरी। लेकिन सबसे बड़ी चोरी तब हुई, जब देश के युवाओं का भविष्य और उनके सपने चुराए गए। भविष्य और सपनों की चोरी किसी भी चोरी से बड़ी होती है।

    शिक्षा प्रणाली में खामियों का जिक्र करते हुए कहा कि कई बच्चे दबाव में आकर जान दे देते हैं तो कई डिप्रेशन में चले जाते हैं। परिवारों पर भारी दबाव है और उन्हें कर्ज लेना पड़ता है। बावजूद बच्चों के अच्छे भविष्य की कोई गारंटी नहीं रह गई है। परीक्षा प्रणाली पूरी तरह फेल हो चुकी है और 10 साल में 152 पेपर लीक हुए और 7.5 करोड़ छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ किया गया मगर एक भी माफिया को सजा नहीं हुई।

    कांग्रेस नेता ने कहा कि जहां हमारा शिक्षा बजट 1.4 लाख करोड़ रुपए है वहीं सरकार चंद अरबपतियों का 16 लाख करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर देती है-जो दिखाता है कि सरकार की प्राथमिकता क्या है?

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