यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Russia Ukraine Crisis: भारत ने अपने नागरिकों को दी सलाह, यूक्रेन की गैर जरूरी यात्रा से करें परहेज
रूस के ताबड़तोड़ मिसाइल हमलों के कारण यूक्रेन में हालात बेहद खराब हो गए हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए भारत ने यूक्रेन में रह रहे अपने नागरिकों से सतर ...और पढ़ें

नई दिल्ली, पीटीआइ। रूस की आक्रामकता के चलते यूक्रेन में हालात बेहद खराब हो गए हैं। तेजी से बिगड़ रहे हालात को देखते हुए भारत भी सतर्क हो गया है। यूक्रेन में भारतीय दूतावास (Indian embassy in Ukraine) ने सोमवार को अपने नागरिकों के लिए ट्रैवेल एडवाइजरी जारी की। दूतावास ने भारतीय नागरिकों को यूक्रेन की सभी तरह की गैर-जरूरी यात्राओं से बचने को कहा। इतना ही नहीं दूतावास ने यूक्रेन में मौजूद भारतीयों से मिशन को अपनी मौजूदगी की स्थिति के बारे में सूचित करने को भी कहा है।
भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी
भारतीय दूतावास ने कहा कि यूक्रेन में बढ़ते संघर्ष को देखते हुए भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे यूक्रेन और उसके शहरों की गैर-जरूरी यात्रा से परहेज करें। यूक्रेन में रह रहे भारतीय नागरिकों को यूक्रेनी सरकार और स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए। भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे दूतावास को यूक्रेन में अपनी उपस्थिति की स्थिति के बारे में सूचित जरूर करें ताकि दूतावास को उन तक पहुंचने में सुविधा हो।
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यूक्रेन के शहरों पर ताबड़तोड़ हमले
मालूम हो कि सोमवार को रूस ने यूक्रेन के कई शहरों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए। इन हमलों में कई नागरिकों की मौत हो गई जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा गया है कि क्रीमिया प्रायद्वीप को जोड़ने वाले पुल पर हुए आतंकी हमले के जवाब में इस आपरेशन को अंजाम दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यूक्रेन ने रूस ऐसे हमले किए तो रूस सख्त जवाबी कार्रवाई करेगा।

भारत की दोनों मुल्कों से शांति की अपील
इससे पहले भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में मौजूदा हालात पर चिंता जताई गई। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत यूक्रेन में बढ़ते संघर्ष को लेकर बेहद चिंतित है। भारत गतिरोध को खत्म करने के लिए की जा रही सभी तरह की कोशिशों का समर्थन करेगा। टकराव किसी के लिए भी हितकर नहीं है। भारत दोनों पक्षों से शत्रुता खत्म करने और बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील करता है।