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    फिर से बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना, कहा- जेल में डालें या मार दें, अपनों का साथ नहीं छोड़ सकती

    By Jayaprakash RanjanEdited By: Deepak Gupta
    Updated: Wed, 05 Aug 2026 10:01 PM (IST)

    बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश लौटने का एलान किया है, चाहे उन्हें जेल हो या जान से मार दिया जाए। ...और पढ़ें

    फिर से बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना। (फाइल)

    फिर से बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना। (फाइल)

    HighLights

    1. शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने का किया ऐलान।

    2. दिसंबर 2026 में वापसी की जताई इच्छा, अंतिम फैसला नहीं।

    3. मौजूदा सरकार पर देश की स्थिति बिगाड़ने का आरोप।

    जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को एलान कर दिया कि वह निश्चित रूप से बांग्लादेश लौटेंगी।

    उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि उन्हें जेल में डाल दिया जाए या मार दिया जाए, फिर भी वह लौटेंगी। यह मंशा भी व्यक्त की है कि वह दिसंबर, 2026 में ढाका लौटने को इच्छुक हूं। लेकिन इस बारे में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

    बुधवार को नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेसपोंडेंस कल्ब ऑफ साउथ एशिया की तरफ से आयोजित एक भावनात्मक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में हसीना ने कहा कि मैं वापस लौट रही हूं। कब लौटूंगी, यह उचित समय पर बताऊंगी।

    मुझे हर तरह के लोगों का समर्थन है। पिछले दो वर्षों में बांग्लादेश के लोग काफी पीड़ा से गुजर चुके हैं, अब मैं उसे बर्दाश्त नहीं कर सकती। मैं दिसंबर में जाना चाहती हूं क्योंकि दिसंबर हमारा विजयी माह है।

    जेल में डाल दें या मार दें, फिर भी लौटूंगी- हसीना

    ढाका में काबिज तारिक रहमान सरकार की तरफ से कार्रवाई किये जाने आशंका पर हसीना ने कहा कि जेल में डाल दें या मार दें, फिर भी लौटूंगी। मुझे अपने भविष्य की चिंता नहीं, देश की चिंता है। मेरी वापसी सिर्फ सत्ता के लिए नहीं, बांग्लादेश को प्रगति और स्थिरता पर लाने के लिए है। धर्मनिरपेक्षता बहाल करनी है।

    शेख हसीना ठीक दो वर्ष पहले 5 अगस्त, 2024 को एक हिंसक आंदोलन के बाद ढाका छोड़ना पड़ा था। वह तब से भारत में एक अज्ञात स्थान पर रही हैं।

    इस दौरान बांग्लादेश में पहले मोहम्मद युनूस की अंतरिम सरकार बनी और उसके बाद आम चुनाव हुए, जिसमें मौजूदा पीएम तारिक रहमान की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) विजयी हुई। पूर्व पीएम हसीना ने अपनी बहुप्रचारित प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत इस कथन से की कि मैं बांग्लादेश के राष्ट्र पिता बंग बंधु शेख मुजीबुर्रहमान की पुत्री हूं।

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    भारत एक महान मित्र देश- हसीना

    अपने लौटने की आधिकारिक घोषणा के साथ ही हसीना ने भारत को एक महान मित्र देश बताया और उम्मीद जताई कि जरूरत पड़ने पर भारत सरकार मदद करेगी। उनकी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर तारिक रहमान सरकार ने पहले ही भारत के समक्ष अपनी चिंताएं जता चुकी है।

    भारत सरकार कह चुकी है कि यह एक निजी कार्यक्रम है और इससे उसका कोई ताल्लुक नहीं है। रहमान सरकार ने हसीना के इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को पहले ही अपने देश में प्रतिबंधित करने की तैयारी कर ली थी।

    अब देखना होगा कि सोशल मीडिया के इस युग में हसीना की उक्त घोषणा का बांग्लादेश के राजनीति पर क्या असर होता है। हसीना ने पहली बार जुलाई-अगस्त 2024 के घटनाक्रम को विस्तार से बताया।

    संगठित समूहों ने छात्रों के साथ मिलकर हिंसा की- हसीना

    उन्होंने आरोप लगाया कि दो वर्ष पहले कोई शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं था। सुधार की भाषा के पीछे संगठित समूहों ने छात्रों के साथ मिलकर हिंसा की और सत्ता परिवर्तन कर दिया। 2018 में उनकी सरकार ने कोटा सिस्टम खत्म किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने उसे रोक दिया था। उनकी छात्रों से बातचीत कर रहे थे। संगठित समूहों ने आंदोलन की आड़ में हिंसा फैलाई।

    इस क्रम में पूर्व पीएम हसीना ने कहा कि, मोहम्मद यूनुस ने भी कहा था कि, “इसकी तैयारी बड़ी चतुराई से की गई थी। यह सिर्फ छात्र आंदोलन नहीं, बल्कि बैलट बॉक्स के बिना सत्ता परिवर्तन का प्रयास था। लूटपाट हुई, संपत्तियों में आग लगाई गई।

    बांग्लादेश टीवी, रेलवे स्टेशन, नेशनल डेटा सेंटर, होटल, विश्वविद्यालय, मेट्रो स्टेशन और जेलों समेत दर्जनों स्थलों पर हमले हुए। अपराधियों को छोड़ दिया गया। 50 मीडिया केंद्रों में आग लगाई गई, पत्रकारों, पुलिसकर्मियों और सरकारी अधिकारियों की हत्या हुई। 3000 पुलिसकर्मियों पर हमला या हत्या हुई।”

    आवामी लीग और कार्यकर्ताओं का दमन अभी भी जारी- हसीना

    हसीना ने आरोप लगाया कि आवामी लीग और इसके कार्यकर्ताओं का दमन अभी भी जारी है। अवामी लीग के 10 हजार नेता-कार्यकर्ता मारे गए या गायब हो गए। 3500 मामले दर्ज हुए, 15 हजार कार्यकर्ताओं पर केस हैं और खुद हसीना के खिलाफ 600 मामले दायर किए गए।

    हसीना में बांग्लादेश की स्थिति का ब्यौरा दिया

    पूर्व पीएम ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान बांग्लादेश की स्थिति का भी ब्यौरा दिया और तब के बांग्लादेश के आर्थिक व सामाजिक व कानून-व्यवस्था के हालात की तुलना मौजूदा समय से की। शेख हसीना ने कहा कि, बांग्लादेश की ग्रोथ रेट 6.8 प्रतिशत की विकास दर घटकर 2 प्रतिशत रह गई है। 54 साल में पहली बार औद्योगिक वृद्धि नकारात्मक हुई।

    बैंकों में डिफॉल्ट लोन 13 प्रतिशत से बढ़कर 47 प्रतिशत हो गया है। निवेश नकारात्मक है, बेरोजगारी बढ़ रही है। दो करोड़ लोग हर साल रोजगार के लिए तैयार हो रहे हैं। कारोबारी या तो जेल में हैं या छिपे हुए। सरकार उधारी ले कर काम चला रही है। आतंकवाद और रेप बढ़े हैं, कानून व्यवस्था ध्वस्त है। उनकी सरकार ने बांग्लादेश को एशिया का राइजिंग टाइगर बनाया था लेकिन अब स्थिति बदतर है।

    हसीना ने याद दिलाया कि वे पहले भी कई बार देश से बाहर रहीं और विपक्षी दलों ने उन्हें हमेशा स्वदेश लौटने की राह में रोड़े अटकाये। उन्होंने कहा कि मैंने 1975 में परिवार खोया, छह वर्ष निर्वासन में रहीं। मेरी 19 बार हत्या के प्रयास हुए, अगस्त 2004 में ग्रेनेड हमला हुआ था। 1981, 1983, 1985, 1997 और 2007 में उन्हें बांग्लादेश लौटने से रोकने की कोशिशें हुईं, फिर भी मै लौटीं।

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