Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'चाहे जो हो, मैं अपने लोगों के पास वापस जाऊंगी'; दो साल बाद सामने आईं शेख हसीना

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 07:25 PM (IST)

    बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मीडिया से वर्चुअल बातचीत में दो साल पहले हुए हिंसक प्रदर्शनों की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह वह बांग्ला ...और पढ़ें

    शेख हसीना ने किया संबोधित। (रॉयटर्स)

    शेख हसीना ने किया संबोधित। (रॉयटर्स)

    HighLights

    1. पूर्व पीएम शेख हसीना ने हिंसक प्रदर्शनों की कड़ी निंदा की।

    2. उन्होंने कहा, यह वह बांग्लादेश नहीं जिसे हमने बनाया था।

    3. छात्र आंदोलन को हिंसक राजनीतिक हथियार में बदला गया।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मीडिया से वर्चुअल बातचीत में कहा कि मैं उस व्यक्ति के रूप में बोल रही हूं जिसने अपना जीवन बांग्लादेश के लोगों के साथ बिताया और मुझे मेरे देश से दूर कर दिया गया, लेकिन मैं अपने लोगों से कभी अलग नहीं हुई। उन्होंने दो साल पहले हुए हिंसक प्रदर्शनों की निंदा की।

    मीडिया को संबोधित करते हुए शेख हसीना ने कहा कि पिछले दो सालों में मैंने अपने प्यारे बांग्लादेश को पीड़ित होते हुए देखा है। यह वह बांग्लादेश नहीं है, जिसे हमने बनाया था, यह वह बांग्लादेश नहीं है जिसके लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने अपना जीवन बलिदान कर दिया था।

    उन्होंने कहा कि मैं जुलाई और अगस्त 2024 के बारे में सच्चाई बताती हूं। यह शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं था। मेरी सरकार ने शरू से बातचीत, कानूनी प्रक्रिया और धैर्य के माध्यम से इस मुद्दे को शांतिपूर्वक हल करने की कोशिश की, लेकिन सुधार की भाषा के पीछे, संगठित समूह छात्रों की मांग को हिंसक राजनितिक हथियार में बदलने के लिए काम कर रहे थे।

    सोच समझकर तैयार किया गया आंदोलन था- शेख हसीना

    उन्होंने कहा कि खुद मुहम्मद यूनुस ने कहा कि यह एक सोच समझकर तैयार किया गया आंदोलन था, जिसका नेतृत्व एक मास्टरमाइंड कर रहा था। उनके अपने शब्द ही सच्चाई को उजागर कर करते हैं। यह महज छात्रों का स्वत: स्फूर्त विरोध-प्रदर्शन नहीं था।

    खबरें और भी

    हसीना ने कहा कि इसका कोई साफ या जिम्मेदार नेतृत्व नहीं था, निर्देश गुप्त रूप से दिए जा रहे थे। इसे संगठित और निर्देशित किया गया था और इसका इस्तेमाल बैलेट बॉक्स के बाहर सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बनाने के लिए किया गया था।

    शेख हसीने के बेटे ने यूनुस से किया सवाल

    बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि सबसे पहले आपने 2024 के इस विरोध प्रदर्शन में जुलाई के दौरान हुई मौतों के बारे में बार-बार सुना होगा। आपके पास संख्याओं पर विभिन्न गणनाएं हैं। आपके पास संयुक्त राष्ट्र की संख्या 1,400 है, जबकि सरकार की संख्या 800 है। ये अतिरिक्त 600 लोग कौन हैं?

    संयुक्त राष्ट्र को ये नाम कहां से मिले? हमारी पार्टी ने संयुक्त राष्ट्र को लिखा है। हमारे वकीलों ने संयुक्त राष्ट्र को बार-बार लिखा है। आज संयुक्त राष्ट्र ने कोई नाम नहीं दिया है। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि संयुक्त राष्ट्र केवल 15 अगस्त 2024 तक की अवधि को कवर करता है, लेकिन हम जानते हैं कि मौतें जारी हैं, और जो सबसे चिंताजनक है, और यह कुछ ऐसा है जिस पर प्रेस, अंतर्राष्ट्रीय प्रेस को वास्तव में ध्यान देना चाहिए।

    यूनुस शासन ने जो पहला काम किया वह एक अध्यादेश पारित करना था जो कानून बन गया, जिसे क्षतिपूर्ति विधेयक कहा गया, जिसने सभी प्रदर्शनकारियों, सभी को क्षतिपूर्ति प्रदान की, उन्हें किसी भी अभियोजन से बचाया। कोई भी हत्या, जिसमें नागरिकों की हत्याएं शामिल हैं, जिसमें हमारी पार्टी के सदस्यों की हत्याएं शामिल हैं, और जिसमें पुलिस अधिकारियों की हत्याएं शामिल हैं।

    उन्हेंने कहा कि आप किसी की भी हत्या के लिए पूर्ण कानूनी सुरक्षा कैसे प्राप्त कर सकते हैं? यह पूरी तरह से सभी मानवाधिकारों के खिलाफ है, शालीनता के सभी मानदंडों के खिलाफ है।

    यह भी पढ़ें- बांग्लादेश वापस लौटेंगी शेख हसीना? ढाका के प्रत्यर्पण अनुरोध पर गहन जांच कर रहा है भारत