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    आस्था की आड़ में अय्याशी का साम्राज्य... 10 हजार कमाने वाले असिस्टेंट ने कैसे खोली कैप्टन बाबा खरात की पोल?

    Updated: Thu, 02 Apr 2026 08:16 PM (IST)

    नासिक के कैप्टन बाबा उर्फ अशोक खरात का सफर एक नेवी कैप्टन के रूप में शुरू होता है। एक ज्योतिषी और अंकशास्त्र के रूप में मशहूर नासिक बाबा पर 150 महिलाओ ...और पढ़ें

    कैप्शन: अशोक खरात कैसे बना गॉडमैन (जागरण ग्राफिक्स)

    कैप्शन: अशोक खरात कैसे बना गॉडमैन (जागरण ग्राफिक्स)

    HighLights

    1. पूर्व नेवी कैप्टन खरात पर 150 महिलाओं के उत्पीड़न का आरोप

    2. पूर्व सहायक नीरज जाधव ने हिडन कैमरे से किया था खुलासा

    3. कैप्टन बाबा की प्रॉपर्टी भी जांच के दायरे में है

    डिजिटल डेस्क, मुंबई। दुनिया के सैकड़ों देशों में घूमने के बाद यह तजुर्बा ही था कि एक साधारण सा व्यक्ति एक गॉडमैन के रूप में मशहूर होता है। एक नेवी कैप्टन के रूप में उसे न केवल सफर करने का अवसर मिला, बल्कि वहां के अनुभवों ने उसे देश का एक नामचीन ज्योतिषी भी बनाया।

    कहानी किसी और की नहीं, बल्कि इन दिनों महाराष्ट्र के चर्चित चेहरों में शामिल अशोक खरात उर्फ कैप्टन बाबा की है, जो इन दिनों सलाखों के पीछे है। कैप्टन पर 150 महिलाओं का उत्पीड़न करने सहित कई गंभीर आरोप हैं।

    कैप्टन बाबा की कहानी ज्योतिषी या अंक शास्त्र से शुरू नहीं होती, बल्कि यह शुरू होती है एक नेवी कैप्टन से। अशोक खरात ने एक कप्तान के रूप में कई देशों की यात्रा की और इस दौरान उसने ज्योतिषी और अंकशास्त्र के साथ-साथ काला जादू और फेस रीडिंग में भी महारत हासिल की।

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    यही वजह रही कि साल 1990 में उसका प्रभाव लोगों तक पहुंचने लगा। जहां सरकारी मुलाजिम उसके पास ट्रांसफर की फरियाद लेकर पहुंचते। वहीं, सियासी दल और राजनेता सत्ता के लिए रुख करते। वह आशीर्वाद के रूप में उन्हें महंगी कीमतों में इमली के बीज और शहद बेचता।

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    बढ़ती लोकप्रियता के साथ अशोक खरात को जल्द ही कैप्टन बाबा के नाम की ख्याति मिली और यह प्रसिद्धि दिन-प्रतिदिन बढ़ती गई। वह नासिक में मौजूद कार्यालय में आम नागरिकों से मिलता, जबकि फार्महाउस पर वह वीआईपी भक्तों से मुलाकात करता।

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    कैप्शन: फोटो प्रतीकात्मक है, जिसे गूगल जैमिनी द्वारा बनाया गया है।

    18 मार्च को हुई गिरफ्तारी

    18 मार्च, 2026 को खरात को कई महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उस पर यह भी आरोप है कि वह कथित तौर से नशीली दवाएं भी बेचता था।

    अब तक कैप्टन बाबा उर्फ नासिक बाबा पर आठ मामले दर्ज किए गए हैं। सरकार ने इन मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन भी किया है। कैप्टन बाबा की करोड़ों रुपये की जमीन भी जांच के दायरे में है। महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बाबा के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में दो प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।

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    कैप्शन: फोटो प्रतीकात्मक है, जिसे गूगल जैमिनी द्वारा बनाया गया है।

    कैसा रहा कैप्टन बाबा का बचपन?

    महाराष्ट्र के नासिक जिले में पले-बढ़े कैप्टन बाबा ने 10वीं में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। एक दिन खरात के पिता ने उसे किसी व्यक्ति को चार हजार रुपये देने के लिए भेजा। लेकिन उस दिन के बाद से वह लौटा नहीं। वह घर छोड़कर जा चुका था।

    इसके कुछ समय बाद ही उसने नेवी ज्वाइन कर ली और जल्द ही कैप्टन का पद भी हासिल किया। कुछ रिपोर्ट्स की माने तो उसने सिर्फ चार साल तक ही नेवी में सर्विस की और फिर साल 1990 के दशक में वापस नासिक आकर ज्योतिषी का काम शुरू कर दिया।

    ज्योतिषी के काम में खरात को खूब पैसा और प्रसिद्धी मिली और साल 2000 के दशक में उसने ओकास प्रॉपर्टी नामक एक रियल एस्टेट सलाहकार फर्म की स्थापना की। जिससे उसने करोड़ों रुपये कमाए।

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    कैप्टन बाबा न केवल लोगों का भविष्य बताता बल्कि उन्हें टोनों-टोटकों से लेकर श्राप मुक्ति का समाधान भी बताता। वह खुद को ज्योतिषी और तांत्रिक के साथ-साथ लोगों को यह भी बताता कि उसमें दैवीय शक्तियां हैं। वह आमतौर पर शूट पहनता और कई मौकों पर शानदार कुर्ता। उसने अपने रईस क्लाइंटों के लिए महंगी कारें भी ली हुई थीं।

    उससे मुलाकात या अप्वाइंटमेंट के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता। नासिक बाबा से मुलाकात की फीस 10 हजार रुपये हुआ करती थी। साल 2010 में उसने श्री शिवनिका मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की और सिन्नर तालुका में ईशानेश्वर मंदिर का निर्माण करवाया।

    सरकारी कर्मचारी भी करते विजिट

    समय के साथ-साथ खरात से सरकारी कर्मचारी भी प्रभावित होने लगे। उसने सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति, ट्रांसफर करवाने से लेकर सियासी हेरफेर में भी अपना दबदबा कायम किया।

    अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की रंजना महाराष्ट्र पगार-गवांडे ने बताया कि सरकारी अधिकारी उनसे मिलने के लिए नियमित रूप से कतार में खड़े रहते थे और अक्सर तबादलों के लिए रिक्वेस्ट करते। खरात को महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, अमित शाह, रूपाली चकांकर, मिलिंद नार्वेकर और हेमंत गोडसे सहित विभिन्न दलों के नेताओं के साथ तस्वीरों में भी देखा गया है।

    खरात लंबे समय से भक्त रहीं रूपाली चकांकर ने उसकी गिरफ्तारी के दो दिन बाद राज्य महिला आयोग के प्रमुख पद से और बाद में एनसीपी की महिला शाखा से इस्तीफा दे दिया। वह उनके मंदिर ट्रस्ट की सदस्य हैं और खरात को अपना 'गुरु' मानती हैं।

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    असिस्टेंट नीरज जाधव ने कैसा रचा खेल?

    खरात के अवैध रैकेट का भंडाफोड़ उसके फॉर्मर ऑफिस असिस्टेंट नीरज जाधव ने किया। नीरज ने साल 2019 में खरात के लिए आठ हजार रुपये की सैलरी में काम करना शुरू किया था। कुछ समय बाद उसे कैप्टन बाबा के अवैध कामों पर शक होने लगा। जिसके बाद एक दोस्त की मदद से उसने ऑफिस में एक हिडन कैमरा लगा दिया। रिपोर्ट के अनुसार, उसने बाबा को ब्लैकमेल भी किया।

    नीरज जाधव ने पुलिस का बताया कि साल 2023 में वह अपनी गर्भवती पत्नी को बाबा के पास लेकर आया था ताकि बच्चा स्वस्थ हो। लेकिन एक अनुष्ठान के बहाने बाबा ने उसकी पत्नी से छेड़छाड़ की। जिसके बाद जाधव खरात की गतिविधियों पर नजर रखने लगे।

    उसने यह भी आरोप लगाया कि खरात 100 रुपये प्रति किलो के भाव से इमली के बीज खरीदते है और उन्हें पॉलिश करके अपने भक्तों को दस हजार से लेकर एक लाख रुपये प्रति मुट्ठी के भाव से बेचता है। साल 2025 की शुरुआत में जाधव को नौकरी से निकाल दिया गया।

    क्या असिस्टेंट ने किया ब्लैकमेल?

    29 दिसंबर, 2025 को खरात ने दो लोगों के खिलाफ पांच करोड़ की वसूली को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि ये लोग उसे एआई द्वारा बनाई गई आपत्तिजनक तस्वीरों का इस्तेमाल कर ब्लैकमेल कर रहे हैं।

    इसके बाद 18 फरवरी को 24 वर्षीय एक महिला ने जाधव के खिलाफ अश्लील तस्वीरें शेयर करने को लेकर एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस को संदेह है कि जाधव के पास मौजूद फुटेज की जानकारी होने के कारण खरात ने ऐसा करने के लिए उकसाया होगा।

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    मार्च तक, पुलिस ने फुटेज की जांच की और मामले की गंभीरता से पड़ताल की। वरिष्ठ अधिकारी सदानंद डेट की देखरेख में एक एसआईटी का गठन किया गया।

    17 मार्च को, फुटेज के माध्यम से पहचानी गई एक महिला द्वारा पहली यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई गई। खरात को अगले दिन गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने कहा कि उन्होंने 55 महिलाओं से जुड़े 100 से अधिक क्लिप बरामद किए हैं।

    क्या किसी NCP नेता ने मामले को दबाने में मदद की?

    तारीख 4 मार्च, 2025 को एक मराठी दैनिक अखबार ने खरात (बिना नाम लिए) के अवैध कामों को लेकर एक रिपोर्ट शेयर की, जिसके बाद खरात ने संपादक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। बाद में संपादक ने आरोप लगाया कि रूपाली चकनकोर ने उन्हें फोन करके ऐसी खबरें प्रकाशित करना बंद करने को कहा था।

    उन्होंने दावा किया कि उन्होंने (रूपाली) पुलिस अधीक्षक (SP) को भी पत्र लिखकर कहा कि महिला आयोग इस मामले को स्वतः संज्ञान में लेगा। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उन्हें माफी मांगने के लिए कहा गया और धमकी दी गई कि ऐसा न करने पर अखबार बंद कर दिया जाएगा। जिसके बाद उन्होंने माफी मांगी।

    कैप्टन बाबा के पास 50 से अधिक संपत्ति

    खरात की गिरफ्तारी के बाद उसकी संपत्ति की जांच शुरू हो गई है। पुलिस का अनुमान है कि उसके पास 50 से अधिक संपत्तियां हैं, जिनमें नासिक का 'तृप्तबाला' बंगला और मीरगांव का 'ब्रह्मा सदन' फार्महाउस शामिल हैं।

    अदालत में अभियोजन पक्ष ने पांच मानव बलि देने के आरोपों की जांच के लिए हिरासत की मांग की है। डारना बांध से 40 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जो उसके मंदिर से जुड़े एक संगठन को अनुमानित 40 लाख लीटर पानी की आपूर्ति करती थी। उस पर गांव के लिए निर्धारित पानी को अपने खेत में मोड़ने का भी आरोप है।

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