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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mohan Charan Majhi: राजनेता बनने से पहले एक शिक्षक थे मोहन चरण माझी, जानिए सरपंच से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर

    Updated: Wed, 12 Jun 2024 12:32 AM (IST)

    भाजपा ने वरिष्ठ नेता मोहन चरण माझी को ओडिशा का मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की है और कल वे सीएम पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। इनके साथ ही दो कनक वर्धन सि ...और पढ़ें

    राजनेता बनने से पहले एक शिक्षक थे मोहन चरण माझी
    राजनेता बनने से पहले एक शिक्षक थे मोहन चरण माझी

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। भाजपा के वरिष्ठ नेता मोहन चरण माझी ओडिशा के मुख्यमंत्री होंगे। राज्यपाल रघुबर दास बुधवार को उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

    उनके साथ कनक वर्धन सिंह देव और प्रभाति परिड़ा भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। क्योंझर सदर सीट से चौथी बार विधायक बने मोहन चरण माझी को आदिवासी नेता के तौर पर भी जाना जाता है। शिशु मंदिर गुरुजी से उन्हें आज मुख्यमंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ है।

    06 जनवरी 1972 को हुआ था माझी का जन्म

    6 जनवरी 1972 को क्योंझर जिले के सदर थाना क्षेत्र के रायकला में जन्में मोहन चरण माझी ने राजनेता और विधायक बनने से पहले सरस्वती शिशु मंदिर में एक शिक्षक थे। मोहन चरण माझी, जिन्होंने एक शिक्षक के रूप में अपना करियर शुरू किया, बाद में सरपंच बने। उनकी शैक्षणिक योग्यता बैचलर ऑफ आर्ट्स है।

    पहली बार साल 2000 में चुने विधायक

    मोहन चरण माझी पहली बार 2000 में क्योंझर सीट से विधानसभा के लिए चुने गए थे। वह 2004-09 और 2019 से 2024 तक विधायक रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के मुख्य सचेतक के रूप में भी काम किया है।

    मोहन चरण माझी ने गठबंधन सरकार में 2005 से 2009 तक सत्तारूढ़ दल के उप मुख्य सचेतक के रूप में भी कार्य किया।यह पहली बार है जब भाजपा ने ओडिशा में सरकार बनायी है और अपने मुख्यमंत्री के रूप में एक आदिवासी चेहरे को शामिल किया है।

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    1995 से 2014 तक यहां से रहे विधायक

    कनक वर्धन सिंहदेव 1995 से 2014 तक, लगातार पाटनागढ़ विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे। 2019 के चुनाव में वह बीजद की सरोज मेहर से हार गए थे। केवी सिंहदेव ने 2024 के चुनाव में फिर से जीत हासिल की है।

    केवी सिंहदेव ओडिशा में बीजद-भाजपा सरकार में उद्योग और शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों में मंत्री थे। उधर, प्रभाती परिड़ा पहली बार नीमापड़ा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची थी जिन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।

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