बीपीयूटी में परीक्षा खत्म होने के 2 दिन बाद ही जारी हुआ रिजल्ट, इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज
बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (बीपीयूटी) ने परीक्षा समाप्त होने के मात्र दो दिन के भीतर परिणाम घोषित कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

बीपीयूटी में परीक्षा खत्म होने के 2 दिन बाद ही जारी हुआ रिजल्ट
HighLights
बीपीयूटी ने 2 दिन में परीक्षा परिणाम घोषित कर रिकॉर्ड बनाया।
इंडिया बुक और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज हुआ।
5 लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन हुआ।
जागरण संवाददाता, राउरकेला। बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (बीपीयूटी) ने शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विश्वविद्यालय ने इस वर्ष इवन सेमेस्टर परीक्षाओं के समाप्त होने के मात्र दो दिन के भीतर ही परीक्षा परिणाम घोषित कर एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम किया है।
इस असाधारण व त्वरित कार्यप्रणाली के लिए बीपीयूटी को प्रतिष्ठित 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' और 'एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' द्वारा विशेष मान्यता और सम्मान प्रदान किया गया है।
5,09,515 से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन
विश्वविद्यालय ने अपने ही पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए यह अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। इस बार बी.टेक, बी.फार्मा, एमबीए और एमसीए जैसे विभिन्न प्रमुख पाठ्यक्रमों के लगभग 93,362 छात्र-छात्राओं की 5,09,515 से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन महज 48 घंटे के भीतर पूरा कर लिया गया।
इतनी बड़ी संख्या में कॉपियों की सटीक और त्वरित जांच पूरी तरह से अत्याधुनिक डिजिटल मूल्यांकन तकनीक के उपयोग के कारण ही संभव हो सकी है।
बीपीयूटी पहले भी कर चुका है कमाल
बीपीयूटी द्वारा इतने कम समय में नतीजे जारी करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले बीते फरवरी महीने में आयोजित ऑड सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान भी विश्वविद्यालय ने एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित किया था। उस समय 67,963 स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों की करीब 3,51,264 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी मात्र दो दिन में पूरा कर लिया गया था।
परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता और गति के साथ-साथ विश्वविद्यालय अकादमिक उत्कृष्टता पर भी जोर दे रहा है। हाल ही में आयोजित बीपीयूटी के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए उनसे 'विकसित ओडिशा' के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान देने का आह्वान किया है। विश्वविद्यालय का यह नया रिकॉर्ड राज्य की शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी प्रगति का एक बेहतरीन उदाहरण बन गया है।
