Russia-Ukraine War: यूक्रेन के हमले में ओडिशा के मजदूर की मौत, रूस से गांव पहुंचा पार्थिव शरीर
ओडिशा के गंजाम जिले के अंजराना रमाया की रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान मॉस्को में ड्रोन हमले में मौत हो गई। उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, जहां परिज ...और पढ़ें

गांव पहुंचा ओडिशा के मजदूर का पार्थिव शरीर। फोटो जागरण
HighLights
ओडिशा के अंजराना रमाया की मॉस्को में मौत।
यूक्रेनी ड्रोन हमले में गंजाम निवासी मजदूर की जान गई।
पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल।
जागरण संवाददाता, अनुगुल। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की विभीषिका ने अब ओडिशा के एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है। रूस की राजधानी मॉस्को में यूक्रेन के ड्रोन हमले में मारे गए ओडिशा के गंजाम जिले निवासी अंजराना रमाया (30) का पार्थिव शरीर गुरुवार को स्वदेश पहुंचा।
शव के गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
गंजाम जिले के चिकिटी ब्लॉक अंतर्गत माधबंधा गांव निवासी रमाया रूस में एक निजी कंपनी के निर्माण प्रोजेक्ट में स्ट्रक्चर फिटर के रूप में कार्यरत थे।
बताया गया कि वह मॉस्को क्षेत्र स्थित गजप्रोम ऑयल रिफाइनरी परियोजना से जुड़े कार्य में लगे हुए थे। 17 मई को यूक्रेन द्वारा मॉस्को पर किए गए बड़े ड्रोन हमले के दौरान वह इसकी चपेट में आ गए। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ओडिशा के दो अन्य श्रमिक घायल हो गए।
सरकार ने विदेश मंत्रालय से लगाई गुहार
घटना की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक के स्वजन ने राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय से शव को भारत लाने की गुहार लगाई थी।
इसके बाद ओडिशा सरकार ने विदेश मंत्रालय और रूस स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय स्थापित कर पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की प्रक्रिया तेज की।
गुरुवार को शव पहले दिल्ली पहुंचा, जहां से विमान के जरिए भुवनेश्वर लाया गया। ओडिशा परिवार विभाग के विशेष ड्यूटी अधिकारी प्रीतीश पंडा ने भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर पार्थिव शरीर को ग्रहण किया।
कुछ महीने पहले छुट्टी पर आया था मृतक
वहां से शव को सड़क मार्ग से गंजाम स्थित पैतृक गांव ले जाया गया। गांव में शव पहुंचते ही मातम का माहौल बन गया। महिलाओं की चीख-पुकार और परिजनों के विलाप से पूरा माहौल गमगीन हो उठा।
ग्रामीणों ने बताया कि रमाया परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गए थे। कुछ महीने पहले ही वह छुट्टी बिताकर गांव लौटे थे और बाद में दोबारा रूस चले गए थे। परिवार उनकी शादी की तैयारी में भी जुटा था, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद खबर आ गई।
खबरें और भी
घटना के बाद राज्य सरकार ने परिवार को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है। वहीं, इस हादसे ने विदेशों में कार्यरत ओडिशा के श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रोजगार के लिए गए भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर परिवारों में चिंता बढ़ गई है।