पेट्रोल-डीजल की बचत को लेकर ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला, सरकारी दफ्तरों में अब इलेक्ट्रिक वाहन अनिवार्य
ओडिशा सरकार ने सरकारी विभागों में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए 8 सूत्रीय गाइडलाइन जारी की है। ...और पढ़ें

ओडिशा सरकार का फैसला। (पीटीआई)
HighLights
सरकारी विभागों में 8 सूत्रीय ईंधन बचत गाइडलाइन लागू।
1 जून 2026 से केवल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जाएंगे।
पेट्रोल-डीजल खपत में 10% कमी का लक्ष्य निर्धारित।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। मोहन चरण माझी सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को लेकर बड़ा कदम उठाया है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री की अपील के बाद ओडिशा सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सरकारी विभागों में ईंधन खर्च कम करने के लिए 8 सूत्रीय गाइडलाइन लागू करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने पहले ही आधा किया था काफिला
मुख्यमंत्री ने इससे पहले अपने कारकेड में शामिल वाहनों की संख्या आधी कर दी थी। अब उन्होंने सभी विभागों को पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा है। इस संबंध में मुख्य सचिव को विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।
सरकारी बैठकों पर भी असर
नई व्यवस्था के तहत सरकारी बैठकें, समीक्षा, प्रशिक्षण और कार्यशालाएं जरूरत पड़ने पर ही प्रत्यक्ष रूप से आयोजित होंगी। अधिकतर बैठकें वर्चुअल मोड में कराने के निर्देश दिए गए हैं। केवल जरूरी अधिकारी और कर्मचारी ही फिजिकल रूप से शामिल होंगे।
1 जून से सरकारी दफ्तरों में केवल ईवी खरीद
सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 1 जून 2026 से सभी सरकारी कार्यालयों में नए दोपहिया और चारपहिया वाहनों की खरीद को इलेक्ट्रिक वाहन तक सीमित कर दिया है।
विशेष परिस्थितियों में ही पेट्रोल या डीजल वाहन खरीदने की अनुमति मिलेगी। किराये पर लिए जाने वाले सरकारी वाहन भी अब ईवी ही होंगे।
अधिकारियों को करनी होगी कारपूलिंग
वरिष्ठ अधिकारियों को कारपूलिंग अपनाने का निर्देश दिया गया है। यानी एक ही मार्ग पर आने-जाने वाले अधिकारी एक वाहन का उपयोग करेंगे। इसके साथ ही सरकारी वाहन उपयोग के लिए मिलने वाली राशि भी आधी कर दी जाएगी।
बस और ट्रेन से यात्रा को बढ़ावा
दूरस्थ क्षेत्रों के दौरे पर जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को बस या रेल यात्रा करने की सलाह दी गई है। वहीं जिन अधिकारियों के पास निजी इलेक्ट्रिक वाहन हैं, उनके सरकारी कार्य में उपयोग को लेकर भी वित्त विभाग अलग गाइडलाइन तैयार करेगा।
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कर्मचारियों के लिए चलेगी इलेक्ट्रिक बस
जहां बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी रहते हैं, वहां इलेक्ट्रिक बस और मिनी बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई है ताकि निजी वाहनों का उपयोग कम हो सके।
10 प्रतिशत ईंधन बचत का लक्ष्य
सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि सरकारी वाहनों में पेट्रोल और डीजल की मासिक खपत कम-से-कम 10 प्रतिशत घटाई जाए। यह नियम सचिवालय से लेकर ब्लॉक, तहसील, सरकारी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक उपक्रमों तक लागू होगा।