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    ओडिशा में जमीन की रजिस्ट्री होगी कैशलैस, अब नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तर के चक्कर; पूरी व्यवस्था होगी ऑनलाइन

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 02:01 PM (IST)

    ओडिशा सरकार ने भूमि पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस और कैशलेस बनाने का निर्णय लिया है, जिससे आवेदन से लेकर शुल्क भुगतान तक सब ऑनलाइन होगा। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. पूरी भूमि पंजीकरण प्रक्रिया अब पेपरलेस और कैशलेस होगी।

    2. आवेदन से शुल्क भुगतान तक सब कुछ ऑनलाइन किया जाएगा।

    3. पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार रुकेगा, नागरिकों को राहत मिलेगी।

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने भूमि पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी पंजीकरण कार्यालयों में जल्द ही पूरी तरह पेपरलेस और कैशलेस रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत जमीन की रजिस्ट्री के लिए आवेदन से लेकर शुल्क भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।

    लोक सेवा भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इस प्रस्तावित व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि नई प्रणाली से पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, नागरिक-अनुकूल और भ्रष्टाचार मुक्त बनेगी तथा लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

    आवेदन के लिए कार्यालय जाने की जरूरत नहीं

    नई व्यवस्था लागू होने के बाद खरीदार और विक्रेता को आवेदन जमा करने के लिए पंजीकरण कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। दोनों पक्षों की सहमति बनने के बाद पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाएगी। केवल दस्तावेज के निष्पादन और पहचान सत्यापन जैसी कानूनी औपचारिकताओं के लिए ही संबंधित पक्षों को पंजीकरण कार्यालय में उपस्थित होना होगा।

    नकद भुगतान की व्यवस्था होगी समाप्त

    सरकार ने पंजीकरण शुल्क और अन्य देयकों के लिए वर्तमान में उपलब्ध 15 हजार रुपये तक नकद भुगतान की सुविधा समाप्त करने का फैसला किया है। अब सभी भुगतान केवल डिजिटल माध्यमों से किए जाएंगे। इससे वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता आएगी और अनियमितताओं पर रोक लगेगी।

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    ऑनलाइन अपलोड करने होंगे सभी दस्तावेज

    नई प्रणाली के तहत खरीदार और विक्रेता की पहचान संबंधी दस्तावेज, भूखंड का विवरण, एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (ईसी) और अन्य जरूरी रिकॉर्ड ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। इससे कागजी कार्रवाई कम होगी और रजिस्ट्री प्रक्रिया तेज एवं सरल बनेगी।

    किसी भी कार्यालय से हो सकेगी जांच

    बैठक में दस्तावेजों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया को भी अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। प्रस्ताव है कि दस्तावेजों की जांच केवल संबंधित पंजीकरण कार्यालय तक सीमित न रहकर राज्य के किसी भी पंजीकरण कार्यालय द्वारा डिजिटल माध्यम से की जा सके।

    पंजीकृत डीड राइटर और अधिवक्ता ही तैयार करेंगे दस्तावेज

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल विभाग में पंजीकृत डीड राइटर या अधिवक्ता ही रजिस्ट्री संबंधी दस्तावेज तैयार कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन के दौरान उनकी जानकारी देना अनिवार्य होगा। साथ ही अधिवक्ताओं, स्टांप विक्रेताओं और डीड राइटरों का विभाग में पंजीकरण भी जरूरी होगा।

    बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद पाढ़ी, पंजीकरण महानिरीक्षक पी.अन्वेष रेड्डी तथा राजस्व विभाग, एनआईसी और ओकैक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री ने अधिकारियों को नई व्यवस्था के लिए विस्तृत एसओपी जल्द तैयार कर जारी करने का निर्देश दिया।

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