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    ओडिशा में ड्रग माफिया को बड़ा झटका, 21 महीनों के अभियान में ₹2,331 करोड़ का गांजा और हशीश तेल जब्त

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 08:02 PM (IST)

    ओडिशा पुलिस ने जुलाई 2024 से मार्च 2026 तक चले अभियान में 2,331 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त कर ड्रग माफिया को बड़ा झटका दिया है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. 2,331 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए गए।

    2. 421 टन गांजा और 1,800 लीटर हशीश तेल बरामद।

    3. 63,720 एकड़ अवैध भांग की खेती नष्ट की गई।

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा ने नशे के कारोबार के खिलाफ निर्णायक जंग का एलान कर दिया है। जुलाई 2024 से मार्च 2026 तक चले राज्यव्यापी अभियान में पुलिस ने 2,331 करोड़ रुपये मूल्य के गांजा और हशीश तेल जब्त कर ड्रग माफिया को बड़ा आर्थिक झटका दिया है।

    इस दौरान 421 टन गांजा, 1,800 लीटर हशीश तेल, 3,502 तस्करों की गिरफ्तारी और 63,720 एकड़ में फैली अवैध भांग की खेती के सफाये ने राज्य में अब तक की सबसे बड़ी नशा-विरोधी कार्रवाई का रिकॉर्ड बनाया है। पुलिस का कहना है कि अब कार्रवाई केवल तस्करों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क के सरगनाओं और वित्तपोषकों की आर्थिक कमर तोड़ी जाएगी।

    बुधवार को भुवनेश्वर में राज्य स्तरीय प्री-ट्रायल ड्रग डिस्पोजल कार्यक्रम एवं सामूहिक नशा-विरोधी शपथ समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी वाई. बी. खुरानिया ने बताया कि इस अवधि में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 2,445 मामले दर्ज किए गए। अवैध रूप से उगाई गई 63,720 एकड़ भांग की फसल, जिसकी अनुमानित कीमत 1,911 करोड़ रुपये आंकी गई, पूरी तरह नष्ट कर दी गई।

    उन्होंने बताया कि कोरापुट और मलकानगिरी में अवैध हशीश तेल निर्माण इकाई का भंडाफोड़ कर करीब 225 करोड़ रुपये मूल्य का 1,800 लीटर हशीश तेल जब्त किया गया। इस गिरोह से जुड़े चार आरोपियों को केरल से गिरफ्तार किया गया।

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    डीजीपी ने बताया कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने कंधमाल, बौध, सोनपुर और पड़ोसी राज्यों तक फैले अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट के दो सक्रिय सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है।

    उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के निर्देश पर 26 जून से 10 जुलाई तक चल रहे राष्ट्रीय प्री-ट्रायल ड्रग डिस्ट्रक्शन स्पेशल अभियान के तहत ओडिशा पुलिस अब तक 82 टन गांजा और 11.4 किलोग्राम ब्राउन शुगर नष्ट कर चुकी है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1,000 करोड़ रुपये है।

    अब तस्करों पर ही नहीं, उनकी दौलत पर भी चलेगा बुलडोजर

    डीजीपी ने कहा कि राज्य सरकार ने मार्च 2029 तक ओडिशा को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए गांजा की अवैध खेती वाले सभी आठ संवेदनशील जिलों के लिए अलग-अलग रणनीति बनाई गई है। अब जांच का सबसे बड़ा फोकस अवैध कारोबार के मास्टरमाइंड, वित्तपोषकों और हवाला नेटवर्क पर रहेगा, ताकि ड्रग माफिया की आर्थिक जड़ें पूरी तरह उखाड़ी जा सकें।

    चार विशेष अदालतें, बनेगी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स

    नशा तस्करी के मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए भुवनेश्वर, खुर्दा, अंगुल और संबलपुर में चार विशेष एनडीपीएस अदालतों को मंजूरी दी गई है।

    इसके अलावा अतिरिक्त डीजीपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) गठित की जाएगी। इसमें राज्यभर में 10 ऑपरेशनल यूनिट और 19 विशेष खुफिया इकाइयां शामिल होंगी, जो ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ समन्वित अभियान चलाएंगी।

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