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    राष्ट्रपति का ओडिशा दौरा: स्पेशल ट्रेन से बरहमपुर पहुंचीं द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल ने भेंट किए सांस्कृतिक उपहार

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 08:48 PM (IST)

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तीन दिवसीय ओडिशा दौरे पर विशेष ट्रेन से भुवनेश्वर से बरहमपुर पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने तप्तपानी मंदिर में पूजा की और राज्यप ...और पढ़ें

    राज्यपाल ने राष्ट्रपति को भेंट किए सांस्कृतिक उपहार। फोटो जागरण

    राज्यपाल ने राष्ट्रपति को भेंट किए सांस्कृतिक उपहार। फोटो जागरण

    HighLights

    1. राष्ट्रपति मुर्मु विशेष ट्रेन से भुवनेश्वर से बरहमपुर पहुंचीं।

    2. तप्तपानी मंदिर में पूजा, गोपालपुर आर्मी कॉलेज में रात्रि विश्राम।

    3. राज्यपाल ने ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर, जीआई टैग उपहार भेंट किए।

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने तीन दिवसीय ओडिशा दौरे के तहत मंगलवार को भुवनेश्वर से विशेष ट्रेन द्वारा बरहमपुर पहुंची। इस यात्रा के लिए उन्हें दिल्ली से विशेष राष्ट्रपति ट्रेन यहां पहुंची थी।

    रिपोर्ट के अनुसार, भुवनेश्वर से बरहमपुर तक की रेल यात्रा में लगभग दो घंटे दस मिनट का समय लगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए मुख्य ट्रेन के आगे और पीछे दो एस्कॉर्ट ट्रेनें भी चलाई गई।

    अधिकारियों ने बताया कि गवर्नर हरि बाबू कम्भमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ, मुर्मू "प्रेसिडेंट स्पेशल" ट्रेन में सवार हुईं। यह एक बेहद शानदार प्राइवेट रेल कार है, जिसमें एयर-कंडीशंड बेडरूम, लिविंग-कम-डाइनिंग रूम और एक किचन है।

    उन्होंने बताया कि स्पेशल सैलून कोच वाली इस ट्रेन के आगे और पीछे दो ट्रेनें चल रही थीं और राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान ट्रैक पर किसी दूसरी ट्रेन को चलने की इजाजत नहीं थी।

    मंदिर दर्शन और कार्यक्रम

    बरहमपुर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति सड़क मार्ग से लगभग 80 किलोमीटर की यात्रा कर तप्तपानी मंदिर गई। वहां वह मां कांधुनी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की है।

    इसके बाद राष्ट्रपति शाम को बरहमपुर लौटी और गोपालपुर स्थित आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज में रात्रि विश्राम की। उनका बुधवार को विशेष ट्रेन से भुवनेश्वर लौटने का कार्यक्रम है।

    कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

    राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए रेल मार्ग, सड़क मार्ग और कार्यक्रम स्थलों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ओडिशा पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी सुरक्षा प्रबंधों की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर पुलिसकर्मियों की लगभग 15 प्लाटून (एक प्लाटून में 30 जवान होते हैं) तैनात की गई थीं और बेरहामपुर में भी इसी तरह की व्यवस्था थी।

    राष्ट्रपति मुर्मु को राज्यपाल ने भेंट की ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के तीन दिवसीय ओडिशा दौरे के दौरान मंगलवार को राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपाटी ने उन्हें ओडिशा की समृद्ध हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प परंपरा से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए।

    लोक भवन में आयोजित इस औपचारिक मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने राष्ट्रपति को राज्य की सांस्कृतिक विरासत और शिल्पकला की उत्कृष्ट पहचान माने जाने वाले उत्पाद प्रदान किए।

    राष्ट्रपति के बरहमपुर दौरे पर रवाना होने से पूर्व आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य की प्रथम महिला डॉ. जयश्री कंभमपाटी भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रपति को ऐसे उपहार भेंट किए, जो ओडिशा की कला, संस्कृति और पारंपरिक शिल्प कौशल का प्रतिनिधित्व करते हैं।

    उपहारों में राष्ट्रीय हस्तकरघा पुरस्कार से सम्मानित तथा भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त प्रसिद्ध संबलपुरी बांध साड़ी प्रमुख आकर्षण रही। अपनी विशिष्ट बुनाई और पारंपरिक डिजाइन के लिए प्रसिद्ध यह साड़ी ओडिशा की हस्तकरघा परंपरा की पहचान मानी जाती है।

    खबरें और भी

    इसके अलावा पिपिली की विश्वविख्यात चांदुआ कला से तैयार मखमली उत्तरीय भी राष्ट्रपति को भेंट किया गया। पिपिली की एप्लिक कार्यकला न केवल देश बल्कि विदेशों में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखती है।

    राज्यपाल ने राष्ट्रपति को कटक की प्रसिद्ध रजत फिलिग्री (तारकसी) कला से निर्मित भगवान गणेश की सुंदर प्रतिमा भी भेंट की। महीन चांदी के तारों से तैयार की जाने वाली यह कला ओडिशा की सबसे प्रतिष्ठित पारंपरिक हस्तशिल्प विधाओं में से एक मानी जाती है और इसे राज्य की सांस्कृतिक पहचान के रूप में देखा जाता है।

    राजभवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इन उपहारों का चयन विशेष रूप से ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्प कौशल और स्थानीय कारीगरों की अद्वितीय प्रतिभा को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया गया था। यह पहल राज्य के हस्तशिल्प और हस्तकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इन दिनों अपने गृह राज्य ओडिशा के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। दौरे के दौरान वह विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग ले रही हैं।

    राज्यपाल द्वारा भेंट किए गए ये उपहार न केवल राष्ट्रपति के प्रति सम्मान का प्रतीक हैं, बल्कि ओडिशा की गौरवशाली कला एवं संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास हैं।

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