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    पुरी गजपति महाराज ने राष्ट्रपति-PM को फिर लिखा पत्र, ISKCON की अलग तिथि वाली रथयात्रा पर रोक लगाने की मांग

    By Laxmi Narayan PattanikEdited By: Nishant Bharti
    Updated: Wed, 08 Jul 2026 09:36 AM (IST)

    श्रीजगन्नाथ मंदिर के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस्कॉन द्वारा निर्धारित तिथि से अलग आयोजित की जा रही रथयात ...और पढ़ें

    पुरी गजपति महाराज ने राष्ट्रपति-PM को फिर लिखा पत्र

    पुरी गजपति महाराज ने राष्ट्रपति-PM को फिर लिखा पत्र

    HighLights

    1. गजपति महाराज ने इस्कॉन की अलग तिथि वाली रथयात्रा रोकने की मांग की।

    2. यह परंपरागत शास्त्रीय विधि-विधान का उल्लंघन है, उन्होंने पत्र में कहा।

    3. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर कार्रवाई का अनुरोध।

    जागरण संवाददाता, पुरी। श्रीजगन्नाथ मंदिर के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने एक बार फिर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ISKCON द्वारा निर्धारित तिथि से अलग आयोजित की जा रही रथयात्रा और स्नानयात्रा पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह परंपरागत शास्त्रीय विधि-विधान का उल्लंघन है और इससे भगवान जगन्नाथ की प्राचीन परंपरा प्रभावित हो रही है।

    पत्र में गजपति महाराज ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा सदियों से श्रीक्षेत्र पुरी में निर्धारित तिथि पर ही आयोजित होती रही है। 

    आपत्तियों के बावजूद ISKCON के कार्यक्रम में बदलाव नहीं

    उन्होंने आरोप लगाया कि श्रीमंदिर प्रशासन, जगन्नाथ संस्कृति के विद्वानों और विभिन्न धार्मिक संस्थाओं की आपत्तियों के बावजूद ISKCON अपने कार्यक्रमों में कोई बदलाव नहीं कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

    गजपति महाराज ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने 20 अप्रैल को राष्ट्रपति और पिछले वर्ष 24 अक्टूबर को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर ध्यान आकर्षित कराया था। उनका कहना है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें दोबारा पत्र लिखना पड़ा।

    28 स्थानों पर स्नानयात्रा का आयोजन 

    पत्र के अनुसार, 1 मई से 9 अगस्त के बीच 28 स्थानों पर स्नानयात्रा का आयोजन किया गया है या किया जाना प्रस्तावित है। वहीं 2 मई से 5 जुलाई के बीच 45 स्थानों पर निर्धारित तिथि से अलग रथयात्राएं आयोजित की जा चुकी हैं। इसके अलावा 11 जुलाई से 4 अक्टूबर के बीच विदेशों में 40 और रथयात्राएं अलग तिथि पर आयोजित होने वाली हैं।

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    गजपति महाराज ने कहा कि देश और विदेश में अनेक भगवान जगन्नाथ के श्रद्धालु इन आयोजनों का विरोध कर रहे हैं। कई स्थानों पर भक्तों ने ISKCON की स्थानीय इकाइयों को लिखित रूप से शास्त्रों में वर्णित तिथि के अनुसार ही रथयात्रा और स्नानयात्रा आयोजित करने का आग्रह किया है। 

    ISKCON अपनी सुविधा के अनुसार कार्यक्रम कर रहा

    उनका आरोप है कि इसके बावजूद ISKCON अपनी सुविधा के अनुसार कार्यक्रम आयोजित कर करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सनातन परंपरा के प्रमुख धर्माचार्यों, जिनमें शंकराचार्य और वैष्णवाचार्य शामिल हैं, ने भी शास्त्रीय परंपरा का पालन करने की सलाह दी थी, लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया। गजपति महाराज ने पश्चिम बंगाल के मायापुर स्थित ISKCON मुख्यालय के गवर्निंग बॉडी कमीशन के अध्यक्ष को भी पत्र लिखकर विदेशों में निर्धारित तिथि से अलग रथयात्रा और स्नानयात्रा आयोजित न करने के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।

    40 रथयात्राओं और 4 स्नानयात्राओं को रोकने की अपील 

    पत्र में उन्होंने विशेष रूप से आगामी 40 रथयात्राओं और 4 स्नानयात्राओं को रोकने की अपील की है। उनका कहना है कि पिछले दो दशकों से श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन, राज्य सरकार और श्रद्धालुओं के विरोध के बावजूद विदेशों में इस प्रकार के आयोजन जारी हैं।

    गजपति महाराज ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि भगवान जगन्नाथ की गौरवशाली परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए ISKCON द्वारा निर्धारित तिथि से अलग आयोजित की जा रही रथयात्रा और स्नानयात्रा पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

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