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    पुरी जगन्नाथ मंदिर में 'दोल पूर्णिमा' पर भगदड़ जैसे हालात, कई श्रद्धालु घायल; प्रशासन ने संभाली कमान

    Updated: Tue, 03 Mar 2026 12:07 PM (IST)

    ओडिशा के पुरी स्थित Sri Jagannath Temple में दोल पूर्णिमा पर भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। दोल बेदी क्षेत्र के पास धक्का-मुक्की में कई श् ...और पढ़ें

    HighLights

    1. दोल पूर्णिमा पर पुरी जगन्नाथ मंदिर में भगदड़ जैसी स्थिति।

    2. धक्का-मुक्की में कई श्रद्धालु घायल, अफरा-तफरी मची।

    3. प्रशासन ने स्थिति संभाली, भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल।

    जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में होली से पहले Dola Purnima के पावन अवसर पर मंगलवार को श्रीजगन्नाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भारी भीड़ के चलते मंदिर परिसर में अचानक भगदड़ जैसे हालात बन गए।

    दोल बेदी क्षेत्र के पास दर्शन के लिए जुटी भीड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई श्रद्धालु घायल हो गए।

    दोलबेदी के पास बढ़ा दबाव

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर बाद श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई। संकरी जगह और एक साथ आगे बढ़ने की कोशिश में लोगों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान नजर आए।

    चीख-पुकार से दहला परिसर

    भीड़ के दबाव में कुछ श्रद्धालु गिर पड़े, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को संभाला और बाहर निकालने की कोशिश की। बाद में सुरक्षाकर्मियों और स्वयंसेवकों ने मोर्चा संभाला और भीड़ को नियंत्रित किया।

    प्रशासन ने संभाली कमान

    सूचना मिलते ही पुलिस और मंदिर प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त बल तैनात कर श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित किया गया। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है।

    हर साल उमड़ती है भारी भीड़

    दोल पूर्णिमा पर श्रीमंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और दर्शन का महत्व होता है। इसी कारण राज्य ही नहीं, बाहर से भी हजारों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। इस बार भी अनुमान से कहीं अधिक भीड़ उमड़ने के कारण व्यवस्था चरमरा गई।

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    उठे सवाल

    घटना के बाद भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान अतिरिक्त इंतजाम और बैरिकेडिंग की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और श्रद्धालुओं से संयम बरतने की अपील की गई है।

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