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    नशे के बाद ‘नॉनवेज’ पर नजर? चितलपाड़ा द्वीप से 300 से ज्यादा मुर्गे-बत्तख रहस्यमय ढंग से गायब; पुलिस पर शक

    Updated: Tue, 03 Mar 2026 11:56 AM (IST)

    कोरापुट के चितलपाड़ा द्वीप पर हालिया पुलिस छापेमारी के बाद 1800 लीटर हशीश तेल और 1000 किलो गांजा जब्त किया गया। इस कार्रवाई के बाद द्वीप से 300 से अधि ...और पढ़ें

    पुलिस छापामारी के बाद मुर्गे-बतख गायब। फोटो एआई जनरेटेड

    पुलिस छापामारी के बाद मुर्गे-बतख गायब। फोटो एआई जनरेटेड

    HighLights

    1. चितलपाड़ा द्वीप पर 1800 लीटर हशीश तेल, 1000 किलो गांजा जब्त।

    2. छापेमारी के बाद 300 से अधिक पक्षी रहस्यमय ढंग से गायब।

    3. ग्रामीणों ने पुलिस पर संदेह जताया, जांच की मांग की।

    संतोष कुमार पांडेय, अनुगुल। कोरापुट जिले के नंदपुर ब्लॉक के तहत चितलपाड़ा द्वीप इन दिनों दो वजहों से सुर्खियों में है...पहले ‘नशे का साम्राज्य’, और अब ‘नॉनवेज का रहस्य’।

    कुछ ही दिन पहले यहां से हजारों लीटर हशीश तेल और क्विंटल के हिसाब से गांजा बरामद हुआ था, और अब द्वीप से 100 से अधिक कड़कनाथ, 150 से ज्यादा टर्की और 50 से अधिक बत्तखों के रहस्यमय तरीके से गायब होने की चर्चा पूरे इलाके में तैर रही है।

    छापामारी के बाद आंगन सूने

    मामला 27 फरवरी का है, जब कोरापुट पुलिस और पडुआ पुलिस की संयुक्त टीम ने पराजाबादपाड़ा पंचायत अंतर्गत चितलपाड़ा द्वीप पर छापेमारी की। पुलिस ने 1,800 लीटर हशीश तेल (गांजे का तेल) और 1,000 किलोग्राम गांजा जब्त कर ऐसा ‘जलवा’ दिखाया कि पूरा राज्य चौंक गया।

    लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। ग्रामीणों का दावा है कि छापेमारी के बाद से उनके आंगन सूने हो गए हैं। सामूहिक रूप से पाले जा रहे 300 से अधिक पक्षी ऐसे गायब हुए हैं, जैसे जोलापुट जलाशय की लहरों में बह गए हों। पक्षियों की अनुमानित कीमत करीब 2.5 लाख रुपये बताई जा रही है।

    ग्रामीणों का संदेह सीधे-सीधे छापेमारी दल पर है। हालांकि पुलिस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन गांव में फुसफुसाहट है कि नशा जब्त हुआ या नाश्ता?

    अज्ञातवास पर हैं ग्रामीण 

    गांव के हालात भी किसी व्यंग्य से कम नहीं। अधिकांश पुरुष सदस्य घर छोड़कर ‘अज्ञातवास’ पर हैं। नतीजा यह कि गांव में महिलाओं की संख्या ज्यादा दिख रही है और वे भी भय के साये में हैं। ऐसे में मुर्गियों का उड़ जाना रहस्य से ज्यादा ‘रोस्टेड पहेली’ बन गया है।

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    चितलपाड़ा द्वीप चारों ओर से जोलापुट जलाशय के विशाल जल से घिरा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मुर्गियां तैरकर भाग गईं? या फिर किसी ने ‘ऑपरेशन नॉनवेज’ को अंजाम दिया?

    फिलहाल, नशे के बाद अब ‘नॉनवेज’ का यह मामला इलाके में चटखारे लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि साफ हो सके कि आखिर द्वीप से परिंदे उड़े या उड़ाए गए।

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