बिहार-झारखंड समेत 4 राज्यों की पुलिस को थी राजा साहणी की तलाश, गिरफ्तारी से खुलेंगे गोल्ड तस्करी के राज
कुख्यात अपराधी राजा साहणी की गिरफ्तारी से एक बड़े अंतरराज्यीय गोल्ड तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। यह गिरोह लूटे गए सोने को बिस्किट में बदलकर नेप ...और पढ़ें
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कुख्यात अपराधी राजा साहणी। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर: चौद्वार जेल से फरार कुख्यात अपराधी राजा साहणी की गिरफ्तारी ने बड़े अंतरराज्यीय क्राइम सिंडिकेट का पर्दाफाश करने की राह खोल दी है।
पूछताछ में सामने आया है कि गैंग डकैती के बाद लूटे गए सोने को गोल्ड बिस्किट में बदलकर विदेश तक सप्लाई करता था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद ओडिशा समेत चार राज्यों की पुलिस कटक पहुंचकर जांच में जुट गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पहले बैंक डकैती को निशाना बनाने वाला यह गिरोह अब ज्वेलरी शोरूम को टारगेट कर रहा था। इसके पीछे बड़ी वजह सोने को आसानी से पिघलाकर गोल्ड बिस्किट में बदलना और फिर उसे नेटवर्क के जरिए नेपाल के रास्ते विदेश भेजना बताया जा रहा है।
गोल्ड बिस्किट सिंडिकेट की परतें खोलना चुनौती
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि डकैती के बाद सोने को किस तरह प्रोसेस किया जाता था, किन लोगों को सौंपा जाता था और आखिरकार यह विदेश तक कैसे पहुंचता था। पुलिस को शक है कि इसके पीछे एक संगठित और मजबूत नेटवर्क काम कर रहा है।
इतना ही नहीं, गैंग के मास्टरमाइंड द्वारा डकैती से जुटाई गई रकम को होटल और जमीन में निवेश किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। इससे अवैध कमाई को सफेद करने की आशंका और गहरा गई है।
रिमांड पर लेकर होगी सख्त पूछताछ
कटक कमिश्नरेट पुलिस अब राजा साहणी को रिमांड पर लेकर उससे गोल्ड बिस्किट नेटवर्क, जेल से फरारी, ओडिशा में सक्रिय अन्य साथियों, अवैध लेन-देन और गुप्त संपत्तियों के बारे में पूछताछ करने की तैयारी में है।
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जरूरत पड़ने पर पहले से गिरफ्तार मधुकांत को भी आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
दूसरे राज्यों की पुलिस भी सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और झारखंड की पुलिस भी जांच में शामिल हो सकती हैं। ये राज्य पुलिस कटक आकर कोर्ट की अनुमति से आरोपी से पूछताछ कर सकती हैं।
जरूरत पड़ने पर उसे अपने राज्य ले जाकर भी रिमांड पर लिया जा सकता है। हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोर्ट क्या फैसला लेता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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