Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    राउरकेला में साइबर ठगी का खुलासा, QR कोड से खरीदारी कर काले धन को सफेद करने वाला शातिर दबोचा गया

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 06:37 PM (IST)

    राउरकेला में एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें मुख्य आरोपी ज्योतिष प्रसाद वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। ...और पढ़ें

    पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। (जागरण)

    पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। (जागरण)

    HighLights

    1. राउरकेला में साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी गिरफ्तार।

    2. आरोपी डिजिटल भुगतान से ठगी का पैसा सफेद करता था।

    3. गिरोह के तार कई राज्यों में फैले, करोड़ों का लेनदेन उजागर।

    जागरण संवाददाता, राउरकेला। शहर में डिजिटल भुगतानों के जरिए साइबर ठगी के काले धन को सफेद करने वाले एक शातिर साइबर नेटवर्क का उदभेदन हुआ है।

    गुप्त सूचना के आधार पर उदितनगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह का भंडाफोड़ किया और एक मुख्य आरोपी को धर दबोचा।

    आरोपी की पहचान झारखंड के गिरिडीह जिले के मूल निवासी 25 वर्षीय ज्योतिष प्रसाद वर्मा के रूप में हुई है, जो फिलहाल उदितनगर क्षेत्र की सीटी सुपर बजारा के पास स्थित पंजाबी गली में रह रहा था।

    पुलिस की जांच में आरोपी के ठगी करने के बेहद ही अनोखे तरीके का खुलासा हुआ है। आरोपी शहर की दुकानों में जाकर क्यूआर कोड के माध्यम से सामान खरीदता और डिजिटल भुगतान करता था।

    दुकानदार के खाते में पैसे पहुंचते ही वह राशि देश के विभिन्न पुलिस स्टेशनों द्वारा तुरंत लियन यानी होल्ड पर डाल दी जाती थी। दरअसल, यह राशि अलग-अलग राज्यों से साइबर फ्रॉड के जरिए लूटी गई होती थी।

    जब पीड़ितों की शिकायतों पर पुलिस संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज करती, तब तक आरोपी दुकानों से सामान लेकर रफूचक्कर हो चुका होता था।

    मामले की गहराई से छानबीन करने के लिए जब पुलिस ने आरोपी के विभिन्न बैंकों के खातों की पड़ताल की, तो होश उड़ाने वाले आंकड़े सामने आए।

    अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा में संचालित उसके खातों से करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन पाए गए।

    राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) तथा समन्वय पोर्टल से सत्यापन करने पर पुष्टि हुई कि आरोपी के नाम दर्ज ये खाते देश के कई राज्यों में दर्ज साइबर अपराध की शिकायतों से जुड़े हुए हैं। आरोपी का मुख्य काम ठगी की रकम अपने खातों में मंगाकर उसे तुरंत अन्य खातों में ट्रांसफर कर लाउंड्रिंग करना था।

    छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से भारी मात्रा में अवैध दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं। पुलिस ने एक ओप्पो 5जी स्मार्टफोन (दो सिम कार्ड के साथ), छह पासबुक, चार चेकबुक और कुल 15 विभिन्न बैंकों के डेबिट व प्रीपेड कार्ड जब्त किए हैं।

    गिरोह में अन्य लोग भी शामिल

    चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कई एटीएम कार्ड आरोपी के अलावा अन्य व्यक्तियों के नाम पर बने हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं।

    उदितनगर पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2), 318(2) और 3(5) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी है।

    खबरें और भी

    इस सफलता के साथ ही राउरकेला पुलिस ने नागरिकों से डिजिटल लेन-देन करते समय पूरी सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध भुगतान प्रणाली से सतर्क रहने की अपील की है।

    यह भी पढ़ें- ओडिशा: नौकरी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाला सेना का पूर्व सूबेदार गिरफ्तार