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    ओडिशा में अब सायरन से मिलेगा बिजली गिरने का अलर्ट, 3 दिन में 10 लोगों की मौत

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 01:35 PM (IST)

    ओडिशा में बिजली गिरने से पिछले तीन दिनों में 10 लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार अब स्वचालित सायरन युक्त इलेक्ट्रिक फील्ड मीटर लगाएगी। ...और पढ़ें

    ओडिशा में अब सायरन से मिलेगा बिजली गिरने का अलर्ट

    ओडिशा में अब सायरन से मिलेगा बिजली गिरने का अलर्ट

    HighLights

    1. ओडिशा में तीन दिन में बिजली गिरने से 10 मौतें।

    2. राज्य सरकार लगाएगी स्वचालित सायरन युक्त अलर्ट सिस्टम।

    3. किसानों को समय पर मिलेगी बिजली गिरने की चेतावनी।

    जागरण संवाददाता, अनुगुल। ओडिशा में बिजली गिरने की घटनाएं लगातार जानलेवा साबित हो रही हैं। पिछले तीन दिनों में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 10 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश 25 से 40 वर्ष आयु वर्ग के किसान थे। 

    सात किसान धान की रोपाई के दौरान खेतों में काम कर रहे थे, जबकि एक पशु चराने वाला, मोबाइल फोन का उपयोग कर रहा एक व्यक्ति और स्कूल परिसर में पेड़ के नीचे बैठे एक शारीरिक शिक्षा शिक्षक भी इसकी चपेट में आ गए। 

    चिंता की बात यह है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की एडवांस चेतावनियों और ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ओएसडीएमए) के व्यापक जागरूकता अभियानों के बावजूद बिजली गिरने से होने वाली मौतों पर रोक नहीं लग पा रही है। 

    किसानों तक मोबाइल अलर्ट समय पर नहीं पहुंच पाते

    अधिकारियों के अनुसार, दूरदराज के खेतों में काम कर रहे किसानों तक मोबाइल अलर्ट समय पर नहीं पहुंच पाते या वे उन्हें गंभीरता से नहीं ले पाते। इसी चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार अब बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में स्वचालित सायरन युक्त इलेक्ट्रिक फील्ड मीटर लगाने जा रही है। 

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    सायरन देगा बिजली गिरने का अलर्ट

    राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और आईएमडी के सहयोग से विकसित यह प्रणाली पहले चरण में मयूरभंज, बालेश्वर, गंजाम, केंदुझर और कटक जिलों में स्थापित होगी। यह सायरन 1.5 से 5 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने, तेज आंधी, भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट देगा, जिससे खेतों में काम कर रहे किसान, पशुपालक और अन्य लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकेंगे। 

    विशेषज्ञों के अनुसार मई, जुलाई और अगस्त में दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे के बीच बिजली गिरने का खतरा सबसे अधिक रहता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेती का काम सुबह के समय पूरा करें और खराब मौसम में खुले मैदान, पेड़ों तथा जलाशयों से दूर रहें। 

    मयूरभंज जिले में सबसे अधिक 119 मौतें

    सरकारी आंकड़ों  के अनुसार भी स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ओडिशा में वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान राज्य में बिजली गिरने से लगभग 600 लोगों की मौत हुई, जबकि 2019-20 से 2023-24 के बीच 1,625 लोगों ने जान गंवाई। 

    अकेले मयूरभंज जिले में सबसे अधिक 119 मौतें दर्ज की गईं, जिससे स्पष्ट है कि चेतावनी प्रणाली के साथ-साथ जन-जागरूकता को और प्रभावी बनाना अब समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

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