यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
D Gukesh इतिहास रचने के बाद रोक नहीं कर पाए अपने आंसू, नए वर्ल्ड चैंपियन का Video हो गया सुपरहिट
डी गुकेश वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। गुकेश ने गैरी कास्वारोव का रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने 1985 में यह कीर्तिमान स्थापित ...और पढ़ें

HighLights
- डी गुकेश ने 2024 वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप का खिताब जीता
- गुकेश ने खिताबी मुकाबले में डिंग लिरेन को 7.5-6.5 के अंतर से मात दी
- गुकेश अब एक खास क्लब में विश्वनाथन आनंद के साथ जुड़ चुके हैं
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। डी गुकेश ने गुरुवार को सबसे युवा वर्ल्ड चेस चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया। गुकेश ने गैरी कास्पारोव का रिकॉर्ड तोड़ा और खिताब जीतने वाले पहले किशोर बने। इस ऐतिहासिक जीत के बाद गुकेश अपने आंसू नहीं रोक पाए। 18 साल के गुकेश के भावुक हो जाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
बता दें कि गुकेश ने गैरी कास्पारोव का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 1985 में एनेटोली कारपोव को मात देकर कीर्तिमान स्थापित किया था। तब गैरी कास्पारोव की उम्र 22 साल थी जबकि गुकेश ने केवल 18 की उम्र में यह खिताब अपने नाम किया।
चीनी दीवार ढहाई
भारत के डी गुकेश ने खिताबी मुकाबले में चीन के डिंग लिरेन को 7.5-6.5 के स्कोर से मात दी। इसी के साथ गुकेश स्पेशल क्लब में विश्वनाथन आनंद के साथ जुड़े। दरअसल, गुकेश वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप जीतने वाले विश्वनाथन आनंद के बाद दूसरे भारतीय ग्रैंडमास्टर बने।
यह भी पढ़ें: D Gukesh बने शतरंज के नए वर्ल्ड चैंपियन, सबसे कम उम्र में खिताब जीता; चीनी खिलाड़ी को 14वें गेम में हराया
डिंग की गलती का मिला फायदा
गुकेश काले मोहरों के साथ खेल रहे थे। लिरेन को मात देने के बाद गुकेश भावुक हो गए और अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्हें अपने भाग्य पर यकीन नहीं हुआ कि वह जीत गए हैं। जब लगा कि ग्रैंड फाइनल टाई-ब्रेकर की तरफ बढ़ेगा तब गुकेश को डिंग की गलती का फायदा मिल गया। डिंग गत वर्ल्ड चेस चैंपियन हैं।
खबरें और भी
Stunning emotions as Gukesh cries after winning the World Championship title! #DingGukesh pic.twitter.com/E53h0XOCV3
— chess24 (@chess24com) December 12, 2024
कैसे चीनी खिलाड़ी को हराया
गुकेश और डिंग गुरुवार को 6.5-6.5 के स्कोर के साथ मैच में उतरे। 14वें गेम में डिंग सफेद जबकि गुकेश काले मोहरों के साथ खेल रहे थे। 53वीं चाल में डिंग से गलती हो गई। गुकेश के पास एक प्यादा ज्यादा था, उन्होंने लगातार दबाव बनाना जारी रखा। इसकी वजह से लिरेन से एक और गलती हो गई और गुकेश को जीत दर्ज करने में मदद मिली।
कड़ी चुनौतियों के बाद चैंपियन बने गुकेश
गुकेश ने वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप की शुरुआत निराशाजनक अंदाज में की थी। उन्हें पहले मुकाबले में डिंग से शिकस्त मिली थी। हालांकि, तीसरे गेम में भारतीय शतरंज खिलाड़ी ने जबरदस्त वापसी करते हुए जीत दर्ज की और स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों ने लगातार सात बाजी ड्रॉ खेली।
गुकेश ने फिर 11वें गेम में जीत दर्ज की। अगले ही गेम में डिंग लिरेन ने जीत दर्ज करके स्कोर बराबर कर दिया। 13वें गेम में डिंग ने गुकेश पर से दबाव हटाया और ड्रॉ बाजी खेली। इस तरह मुकाबला आखिरी गेम पर पहुंचा। इसमें बाजी मारते हुए भारतीय ग्रैंडमास्टर ने इतिहास रच दिया।