'बॉक्सिंग में गोल्ड की उम्मीद नहीं...', Commonwealth Games 2026 के लिए एमसी मैरीकॉम की भविष्यवाणी
छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकॉम का मानना है कि आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाज दमदार प्रदर्शन करेंगे, लेकिन गोल्ड मेडल जीतना मुश् ...और पढ़ें

एमसी मैरीकॉम

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकॉम ने उम्मीद जताई कि भारतीय मुक्केबाज आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स में दमदार प्रदर्शन करें, लेकिन उनका मानना है कि गोल्ड मेडल जीतना मुश्किल है।
ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट (2012) और कॉमनवेल्थ गेम्स (2018) व एशियन गेम्स (2010) की गोल्ड मेडलिस्ट एमसी मैरीकॉम ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में मौजूदा मुक्केबाजों की पीढ़ी पर अपने विचार पेश किए और बताया कि उन्हें किस तरह आकार दिया जा रहा है।
एमसी मैरीकॉम ने क्या कहा
43 साल की मैरीकॉम ने कहा, 'हम मेडल जीतेंगे, लेकिन मुझे गोल्ड की उम्मीद नहीं है। अगर गोल्ड आता है तो मुझे खुशी होगी। एशियन गेम्स बहुत मुश्किल होने वाला है। कॉमनवेल्थ गेम्स में हम गोल्ड मेडल बाउट तक पहुंच सकते हैं। मैं प्रार्थना करूंगी कि हम सबकुछ जीते।'
पता हो कि भारत ने पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में मुक्केबाजी में कुल सात मेडल जीते थे, जिसमें तीन गोल्ड और एक सिल्वर शामिल था। ग्लास्गो में होने वाले सीडब्ल्यूजी की शुरुआत 23 जुलाई से होगी। भारतीय मुक्केबाजी टीम में सात पुरुष और सात महिला मुक्केबाज हैं।
इनसे मेडल की उम्मीद
भारतीय फैंस को ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना बोर्गोहेन (75 किग्रा वर्ग), विश्व नंबर-1 जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा वर्ग), एशियन गेम्स ब्रॉन्ज मेडलिस्ट प्रीति पवार (54 किग्रा) और विश्व कप गोल्ड मेडलिस्ट अरुंधती चौधरी (70 किग्रा) से मेडल की प्रबल उम्मीद है। इस साल अप्रैल में एशियाई चैंपियनशिप्स में इन चारों ने पोडियम पर अभियान खत्म किया था।
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पुरुषों में सचिन सिवाच (60 किग्रा) और नरेंद्र बर्वाल (+90 किग्रा) से मेडल की उम्मीद है। मैरीकॉम ने कहा, 'मैं इन सभी को शुभकामनाएं देती हूं। भारत का प्रतिनिधित्व करना आसान नहीं। इन सभी ने हिस्सा लेने की जिम्मेदारी भर नहीं ली। वो सभी मेडल के साथ देश लौटने की कोशिश करेंगे।'