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'उनकी रगों में बहने वाला खून इटली का...', वंदे मातरम विवाद पर एचडी कुमारस्वामी का सोनिया गांधी पर हमला

Updated: Tue, 18 Aug 2026 02:58 PM (IST)

वंदे मातरम विवाद पर केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल को लेकर तीखा हमला किया, जिससे राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।

वंदे मातरम विवाद पर एचडी कुमारस्वामी का सोनिया गांधी पर हमला

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डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर उपजे विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी द्वारा कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के विदेशी मूल पर किए गए तीखे हमले ने राजनीतिक बयानबाजी तेज कर दी है। कांग्रेस ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पलटवार किया है।

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री कुमारस्वामी ने सोमवार को वंदे मातरम गाये जाने के कथित विरोध को लेकर सोनिया गांधी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि हर किसी को राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना चाहिए।

कुमारस्वामी ने कहा कि सोनिया गांधी से और क्या उम्मीद की जा सकती है? क्या सोनिया गांधी हमारे देश की हैं? वह शादी के बाद हमारे देश आईं। उनकी रगों में बहने वाला खून इतालवी है, है ना? उन्होंने आगे कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस को वंदे मातरम पसंद नहीं है और पार्टी नेताओं को इस मुद्दे पर अपनी संकीर्ण मानसिकता प्रदर्शित करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

कुमारस्वामी पर कांग्रेस का पलटवार

कुमारस्वामी के इस बयान पर पलटवार करते हुए कर्नाटक सरकार में मंत्री रिजवान अरशद ने उन्हें एक हताश व्यक्ति करार दिया। अरशद ने कहा कि कुमारस्वामी एक हताश व्यक्ति हैं।

अगर वह सोनिया गांधी जी के बारे में इस तरह की बात करते हैं, तो उन्हें पता होना चाहिए कि वह कई भारतीयों की तुलना में कहीं अधिक भारतीय हैं। उनके पति, राजीव गांधी ने इस देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। वह एक एकजुट और न्यायपूर्ण भारत के लिए लड़ रही हैं।

कांग्रेस की इस प्रतिक्रिया के बावजूद कुमारस्वामी मंगलवार को अपने रुख पर कायम रहे और अपने हमले को और तेज कर दिया। उन्होंने सवाल किया कि सोनिया गांधी ने देश के लिए क्या बलिदान दिया है।

कुमारस्वामी ने कहा कि उनके पति ने बलिदान दिया, हां, लेकिन उन्होंने क्या त्याग किया? उन्होंने वंदे मातरम अपमान किया। वह जाहिर तौर पर भारतीय नहीं हैं, वह इतालवी हैं। उन्होंने एक भारतीय नागरिक से शादी की। वह इटली से हैं। यही कारण है कि वह भारतीय भावनाओं का विरोध कर रही हैं।

कुमारस्वामी ने इतिहास का हवाला देते हुए याद दिलाया कि वंदे मातरम उस कांग्रेस अधिवेशन में गाया गया था जिसमें महात्मा गांधी ने भाग लिया था और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने भी इस गीत को गाया था।

क्या है वंदे मातरम का पूरा विवाद?

यह पूरा विवाद शनिवार को तब शुरू हुआ जब बीजेपी ने सोनिया गांधी पर पार्टी के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाए जाने पर आपत्ति जताने का आरोप लगाया।

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस के कार्यक्रम का एक वीडियो फुटेज साझा करते हुए लिखा कि मां, बेटे और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष वंदे मातरम के पूरे गान से परेशान नजर आ रहे हैं। संतोष ने तंज कसते हुए आगे कहा कि 1947 से पहले से लेकर 1947 के बाद तक, कुछ मानसिकताएं कभी नहीं बदलतीं।

हालांकि, कांग्रेस ने बीजेपी के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय गीत का पूरा संस्करण गाने से रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया था। कांग्रेस के मुताबिक, सोनिया गांधी केवल पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं, क्योंकि वह काफी देर से खड़े थे।

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