यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
क्या गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ हो रहा भेदभाव? कांग्रेस के आरोपों पर भड़कीं निर्मला सीतारमण
Parliament Session 2024 केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कांग्रेस के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें यह कहा गया कि केंद्र ...और पढ़ें

HighLights
- कांग्रेस के आरोपों पर निर्मला सीतारमण का पलटवार
- अधीर रंजन चौधरी के दावे को किया खारिज।
- केंद्र पर लगाया गैर-भाजपा शासित राज्यों के धन रोकने का आरोप
पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कांग्रेस के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें यह कहा गया कि केंद्र सरकार गैर-भाजपा शासित राज्यों के लिए धन रोक रही है।
सीतारमण ने आरोपों को किया खारिज
उन्होंने कहा कि यह एक राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप है। यह आशंका जताई गई कि कुछ राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। यह बयान राजनीतिक रूप से प्रेरित है और निहित स्वार्थ वाले लोग खुश होकर ऐसा बोल रहे हैं।
अधीर रंजन चौधरी के दावे पर सीतारमण का पलटवार
लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया था कि कर्नाटक सरकार को केंद्र धन जारी नहीं कर रहा है। हालांकि, अधीर रंजन चौधरी के सवाल का सीतारमण ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति नहीं हो सकती क्योंकि व्यवस्था अच्छी तरह से है और केंद्र सरकार वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार काम करती है। सीतारमण ने कहा कि कोई भी केंद्रीय वित्त मंत्री वित्त आयोग की सिफारिशों के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकता है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक संभावना नहीं है कि कोई भी वित्त मंत्री यह कहने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है कि मुझे यह राज्य पसंद नहीं है, भुगतान बंद करो। उन्होंने कहा कि प्रणाली अच्छी तरह से स्थापित है, ऐसा नहीं हो सकता है।
डीके शिवकुमार ने किया प्रदर्शन का एलान
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि सभी विधायकों, एमएलसी और सांसदों सहित कांग्रेस की राज्य इकाई धन आवंटित नहीं करने को लेकर 7 फरवरी को केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक वह राज्य है, जो देश में दूसरा सबसे अधिक कर अदा करता है। यह दुखद है कि हमारे राज्य को हर बार झटका मिलता है। पिछले पांच वर्षों से भाजपा सरकार कर्नाटक की अनदेखी कर रही है। यह अनुचित है।