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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bharat Jodo Yatra के लिए उत्तरी राज्यों में रहेंगी चुनौतियां, अब तक मिले समर्थन को पार्टी ने बताया उत्साहजनक

    By Sanjay MishraEdited By: Arun kumar Singh
    Updated: Tue, 25 Oct 2022 07:33 PM (IST)

    Rahul Gandhi Bharat Jodo Yatra पार्टी के संचार महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा 48 दिनों में एक तिहाई सफर पूरा कर लोकतंत्र क ...और पढ़ें

    कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी को अब तक मिले समर्थन को उत्साहजनक करार
    कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी को अब तक मिले समर्थन को उत्साहजनक करार

     जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी को अब तक मिले समर्थन को उत्साहजनक करार देते हुए कहा है कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक की यह यात्रा अपने लक्ष्य की दिशा में सही रूप में बढ़ रही है। पार्टी के अनुसार, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश की सरकारों की ओर से खड़े किए गए व्यवधानों के बावजूद यात्रा में बड़ी संख्या में सभी वर्गों के लोगों का शामिल होना इसका संकेत है।

    48 दिनों में चार राज्यों के 18 जिलों में 1270 किमी की तय हुई दूरी

    पार्टी के संचार महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा 48 दिनों में एक तिहाई सफर पूरा कर लोकतंत्र की शहनाई बजा रही है, जबकि भाजपा एकतंत्र का तोप चला रही है। हालांकि दक्षिणी राज्यों में यात्रा की कामयाबी से खुश पार्टी ने यह भी स्वीकार किया कि उत्तर भारत में संगठन के कमजोर ढांचे के कारण इन राज्यों में कुछ चुनौतियां रहेंगी। तेलंगाना के महबूब नगर से तीन दिन के दिवाली ब्रेक के बाद 27 अक्टूबर से शुरू हो रही अगले चरण की यात्रा पर प्रेस कांफ्रेंस करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि अब तक 48 दिनों की यात्रा में सात दिन विश्राम के थे। 41 दिनों की पदयात्रा में करीब 1,270 किलोमीटर की दूरी तय हुई है।

    करीब 50 संगठनों के लोगों ने राहुल गांधी से किया सीधे संवाद

    कन्याकुमारी से कश्मीर तक की 3570 किमी का यह करीब एक तिहाई है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश के बाद तेलंगाना में प्रवेश तक चार राज्यों के 18 जिलों से यात्रा गुजरी है। इस दौरान करीब 50 संगठनों के लोगों ने राहुल गांधी से सीधे अपने मसलों को लेकर मुलाकात-संवाद किया है। तेलंगाना में 11 दिनों में आठ जिले और कवर होंगे और यही रफ्तार रही तो यात्रा 20-25 फरवरी के बीच कश्मीर पहुंच जाएगी।

    महाराष्‍ट्र में करेंगे एनसीपी प्रमुख शरद पवार यात्रा का स्वागत

    तेलंगाना से यात्रा सात नवंबर को महाराष्ट्र के नांदेड़ पहुंचेगी, जहां एनसीपी प्रमुख शरद पवार यात्रा का स्वागत करेंगे और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे इसमें शामिल होते हैं तो पार्टी उनका स्वागत करेगी। उन्होंने कहा कि दक्षिण के राज्यों में भारी समर्थन के बाद यात्रा मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश के रास्ते उतरी राज्यों में आएगी तो संगठन की कमजोरी के कारण हमारे लिए चुनौती होगी। लेकिन यात्रा के उद्देश्यों को लेकर लोगों का जैसा उत्साह है वह इस चुनौती से उबरने में सहायक होगी।

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    जयराम के मुताबिक राहुल गांधी के सामने यात्रा के दौरान जो तीन अहम मुद्दे लोगों ने रखे हैं उसमें सबसे अहम किसानों की समस्याएं, दूसरा बेरोजगारी जिसमें खासतौर छोटे और लघु उद्योगों के बंद होने के मामले और तीसरा महंगाई रही है।

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