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    श्री अकाल तख्त साहिब का बड़ा आदेश; बेअदबी मामलों की एसआईटी में केवल अमृतधारी सिख अधिकारी हों शामिल

    Updated: Mon, 09 Feb 2026 05:51 PM (IST)

    श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सिख पंथ से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर महत्वपूर्ण आदेश जारी किए। उन्होंने बेअदबी ...और पढ़ें

    मीडिया से बातचीत करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज।

    मीडिया से बातचीत करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज।

    HighLights

    1. बेअदबी SIT में केवल अमृतधारी सिख अधिकारी हों।

    2. श्री हरिमंदिर साहिब में पुलिस प्रवेश की निंदा।

    3. होला-मोहल्ला पर रंग फेंकने, बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध।

    जागरण संवाददाता, अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सिख पंथ से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर देश-विदेश की संगत के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किए। उन्होंने पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली, गुरुद्वारा प्रबंधन में मनमानी और सिख मर्यादाओं के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाया।

    जत्थेदार गड़गज ने कहा कि बेअदबी मामलों की जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी द्वारा सिख मर्यादा का गंभीर उल्लंघन किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सुखासन स्थल पर मर्यादा के विपरीत कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे सिख भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।

    अकाल तख्त साहिब ने पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि बेअदबी मामलों की जांच के लिए केवल अमृतधारी सिख अधिकारियों की ही एसआाईटी गठित की जाए, जिन्हें सिख रहित-मर्यादा और गुरु साहिब के सम्मान की पूर्ण जानकारी हो।

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    वर्दी में श्री हरिमंदिर साहिब पुलिस का आना निंदनीय

    हाल ही में श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में सिविल वर्दी में पुलिस के प्रवेश और श्रद्धालुओं को हिरासत में लेने की घटना की जत्थेदार ने कड़ी निंदा की। उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब पुलिस किस आदेश के तहत परिसर में दाख़िल हुई। उन्होंने 1955 की घटना का हवाला देते हुए कहा कि उस समय भी पुलिस प्रवेश के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री को माफी मांगनी पड़ी थी।

    इस मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। कनाडा के विनिपेग साउथ सिख सेंटर से प्राप्त शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जत्थेदार ने बताया कि वहां पावन स्वरूप से छेड़छाड़ और संगत के प्रवेश पर रोक जैसी मनमानी की जा रही है।
    अकाल तख्त साहिब ने गुरुद्वारा प्रबंधकों को दस दिनों के भीतर व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। आदेश की अवहेलना पर सख़्त पंथक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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    कथावाचक गुरजंट सिंह के बयानों को माना गंभीर

    मालवा क्षेत्र के कथावाचक गुरजंट सिंह द्वारा गुरु नानक साहिब की मर्यादा के विरुद्ध दिए गए बयानों को गंभीर मानते हुए उनकी कथा और कीर्तन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध पंच प्यारे की अगली बैठक तक लागू रहेगा, भले ही उन्होंने माफी मांग ली हो।

    जत्थेदार ने घोषणा की कि आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर होला-मोहल्ला के अवसर पर रंग फेंकने और बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि होला-मोहल्ला शक्ति और भक्ति का पर्व है, इसे होली की तरह नहीं मनाया जाना चाहिए। केवल निहंग सिंह जत्थेबंदियां अपनी परंपरा अनुसार गुलाल का प्रयोग कर सकती हैं।

    इसके अतिरिक्त बैठक में बठिंडा में सिख बच्चों के कड़े उतारने की घटना की कड़ी निंदा, दोषी अधिकारियों पर तुरंत केस दर्ज करने की मांग की गई। बंदी सिखों की रिहाई को लेकर कहा कि सजा पूरी कर चुके सिखों को जेल में रखना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। चमकौर साहिब क्षेत्र में फैक्ट्री सर्वे के दौरान सिख ऐतिहासिक स्थलों के नाम हटाने पर गहरी चिंता जताई। अंत में जत्थेदार गड़गज ने समूची सिख कौम से अपील की कि वे गुरु ग्रंथ और गुरु पंथ की मर्यादाओं की रक्षा के लिए एकजुट रहें।

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