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ED विवाद में AAP का भाजपा पर हमला, अमन अरोड़ा-धालीवाल ने किए 5 दावे; बोले सबूत स्पष्ट नहीं तो कैसे हो FIR

Published: Wed, 02 Sep 2026 01:56 PM (IST)

अमन अरोड़ा ने ईडी पर आप नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। एल्टिस प्रोजेक्ट मामले में उन्होंने सभी सरकारों के कार्यकाल की निष्पक्ष जांच की मांग की।

कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा व पूर्व मंत्री कुलदीप धालीवाल।

कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा व पूर्व मंत्री कुलदीप धालीवाल।

HighLights

  1. ईडी के सबूत स्पष्ट नहीं, एफआईआर कैसे हो।

  2. भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है आप का आरोप।

  3. अमन अरोड़ा ने एल्टिस प्रोजेक्ट पर भी सफाई दी।

राज्य ब्यूरो, जागरण संवाददाता, चंडीगढ़/अमृतसर। पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी के माध्यम से आम आदमी पार्टी की लीडरशिप को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

अरोड़ा ने कहा कि ईडी की ओर से पंजाब के पुलिस महानिदेशक को तीसरा पत्र भेजकर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा गया है, जबकि पंजाब पुलिस पहले ही ईडी से उसके द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और सामग्री को लेकर सवाल उठा चुकी है।

अमन अरोड़ा के मुताबिक, पंजाब पुलिस ने ईडी को बताया है कि एजेंसी की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री स्पष्ट रूप से पढ़ने योग्य नहीं है और उसकी प्रमाणिकता भी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने दोबारा साक्ष्य और तथ्य उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि उनकी जांच के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सके। इसके बावजूद तीसरा पत्र भेजे जाने पर उन्होंने सवाल उठाए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुराने बयान का हवाला देते हुए अरोड़ा ने कहा कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वह केंद्रीय एजेंसियों को केंद्र का तोता कहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आज वही केंद्रीय एजेंसियां केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रही हैं और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।

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एल्टिस प्रोजेक्ट पर भी दी सफाई

एल्टिस प्रोजेक्ट में अपना नाम शामिल किए जाने पर अरोड़ा ने कहा कि उनके मंत्री रहते अथवा आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में इस प्रोजेक्ट के लिए कोई सीएलयू नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि 230 एकड़ के लेआउट की मंजूरी 17 नवंबर 2011 को ली गई थी। उस समय राज्य में अकाली-भाजपा सरकार थी।

उन्होंने बताया कि लेआउट से संबंधित अलग-अलग मंजूरियां 14 मई 2011, 25 जून 2013, 28 मार्च 2013 और आठ मई 2014 को भी ली गई थीं। बाद में उनके मंत्री रहते 11 जून 2024 और पांच जून 2025 को लेआउट में बदलाव किए गए। अरोड़ा ने कहा कि उनके कार्यकाल में विभाग में कोई बदलाव नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि यदि किसी भी सरकार के कार्यकाल में नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाकर नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम और अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में लिए गए फैसलों के आधार पर होनी चाहिए।

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धालीवाल ने भी साधा भाजपा पर निशाना

पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी पत्रकार वार्ता कर ईडी पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेताओं को ईडी के मामलों में फंसाकर बदनाम करने की कोशिश की गई और बाद में सच सामने आया।

धालीवाल ने आरोप लगाया कि अब पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी के अन्य नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने ईडी से अपना अधिकारी भेजकर साक्ष्य पेश करने को कहा था, लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। धालीवाल ने कहा कि जांच एजेंसियों के दबाव से आम आदमी पार्टी न डरेगी और न झुकेगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भी अंततः सच सामने आएगा।

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