जालंधर में बंद के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग भगवान वाल्मीकि चौक के पास एकत्र हुए। हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया। शहर के पुराने जीटी मार्ग, शेखा बाजार, रैणक बाजार, नया बाजार, गुरु नानकपुरा मार्ग बाजार, अली मोहल्ला बाजार, मॉडल टाउन खेल बाजार और बस्ती पीरदाद मार्ग समेत लगभग सभी प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र बंद रहे। बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा, जबकि सड़कों पर यातायात सामान्य रूप से चलता रहा।
नगर निगम यूनियन, भारतीय जनता पार्टी सहित कई सामाजिक और कर्मचारी संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया। एहतियात के तौर पर कई निजी स्कूलों ने सुबह ही अवकाश घोषित कर दिया, जिससे शहर में लोगों की आवाजाही भी सामान्य दिनों की तुलना में कम रही।
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जालंधर में प्रदर्शनकारी प्रोटेस्ट करते हुए।
अमृतसर में हुई नारेबाजी
उधर, अमृतसर में वाल्मीकि समाज और दलित संगठनों के सदस्य भंडारी पुल पर एकत्र हुए और पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने बरनाला की घटना में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और संबंधित पुलिस उपाधीक्षक पर तत्काल मामला दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग पुल के एक ओर खड़े होकर विरोध जताते रहे।
शुरुआत में शहर के प्रमुख बाजार सामान्य रूप से खुले रहे और यातायात भी सुचारु रहा। मौके पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरपाल सिंह सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं और माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास किया।
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![Amritsar protest]()
अमृतसर में बाजार बंद करवाने निकले प्रदर्शनकारी।
प्रदर्शनकारी बाजारों में उतरे, दुकानें हुई बंद
हालांकि जैसे ही प्रदर्शनकारी भंडारी पुल से आगे बढ़ते हुए हाल बाजार, हाल गेट, फर्नीचर बाजार, मच्छी बाजार और रीजेंट टॉकीज चौक क्षेत्र की ओर पहुंचे। जिसके बाद व्यापारियों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद करनी शुरू कर दीं। देखते ही देखते इन इलाकों के अधिकांश बाजारों में कारोबार ठप हो गया। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े, जबकि पुलिस संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी करती रही।