बेअदबी कानून विवाद के बीच अकाल तख्त पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष संधवां, जत्थेदार को दिया स्पष्टीकरण
बेअदबी के खिलाफ बनाए गए नए कानून को लेकर विवाद के बीच विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां अकाल तख्त सचिवालय पहुंचे। वह जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज को अ ...और पढ़ें
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विधानसभा अध्यक्ष संधवां ने अकाल तख्त जत्थेदार को स्पष्टीकरण सौंपा।
बेअदबी कानून पर श्री अकाल तख्त साहिब ने उठाए थे सवाल।
मुलाकात के बाद विवाद की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। बेअदबी के खिलाफ पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए नए कानून को लेकर जारी विवाद के बीच पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां गुरुवार को श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंच गए। यहां वह जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज को अपना स्पष्टीकरण सौंपा और बनाए गए जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 पर विचार भी किया।
दरअसल, बेअदबी के मामलों को लेकर बनाए गए नए कानून पर श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से सवाल उठाए गए थे। जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा था कि बेअदबी जैसे संवेदनशील और धार्मिक विषय पर कानून तैयार करने से पहले पंथ की सामूहिक राय लेना जरूरी था।
उनका कहना था कि सिख मर्यादा और धार्मिक परंपराओं से जुड़े मामलों में श्री अकाल तख्त साहिब की भूमिका सर्वोपरि मानी जाती है और इस प्रक्रिया की अनदेखी उचित नहीं कही जा सकती।
इसी मुद्दे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था। आज उनकी पेशी को लेकर धार्मिक और राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा बनी हुई है।
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सचिवालय के बाहर कड़ी सुरक्षा
श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंचने के बाद सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी दिखाई दी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और विभिन्न संगठनों के लोग भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद पूरे मामले की दिशा काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है।
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इस मुद्दे ने पंजाब की राजनीति और धार्मिक संस्थाओं के बीच नई बहस को जन्म दे दिया है। एक तरफ पंजाब सरकार का कहना है कि बेअदबी के मामलों में सख्त कानून समय की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। वहीं दूसरी तरफ धार्मिक संस्थाएं इस बात पर जोर दे रही हैं कि पंथ से जुड़े किसी भी बड़े फैसले में सामूहिक राय और धार्मिक मर्यादाओं का पूरा सम्मान होना चाहिए।
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श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च संस्था
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि श्री अकाल तख्त साहिब उनके लिए सर्वोच्च और अत्यंत सम्माननीय संस्था है। यदि उन्हें आधिकारिक रूप से बुलाया गया है तो वह पूरी श्रद्धा और विनम्रता के साथ वहां पहुंचेंगे और अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे।
संधवां ने यह भी कहा था कि वह जत्थेदार को निजी तौर पर पूरे मामले की जानकारी देंगे। अब सभी की नजर इस मुलाकात और उसके बाद आने वाली प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि इस पेशी के बाद बेअदबी कानून को लेकर चल रहा विवाद नए मोड़ पर पहुंच सकता है।