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    आतंकवाद का मुकाबला करने वाले वामपंथी नेता जसपाल सिंह का देहांत; पैतृक गांव कोट धर्मचंद में हुआ अंतिम संस्कार

    Updated: Thu, 29 Jan 2026 02:31 PM (IST)

    सीपीएम पंजाब और आरएमपीआइ के संस्थापक, प्रमुख वामपंथी नेता कामरेड जसपाल सिंह झब्बाल का निधन हो गया। उन्होंने आतंकवाद के दौर में आवाज उठाई और अन्याय के ...और पढ़ें

    कामरेड जसपाल सिंह ढिल्लों की फाइल फोटो।

    कामरेड जसपाल सिंह ढिल्लों की फाइल फोटो।

    HighLights

    1. प्रमुख वामपंथी नेता जसपाल सिंह झब्बाल का निधन।

    2. आतंकवाद के दौर में उन्होंने आवाज उठाई थी।

    3. सीपीएम पंजाब और आरएमपीआइ के संस्थापक थे।

    जागरण संवाददाता, तरनतारन। आतंकवाद के दौर में आवाज उठाने वाले, सीपीएम पंजाब और रिवोल्यूशनरी मार्क्सिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (आरएमपीआइ) की स्थापना करने वाले प्रमुख वामपंथी नेताओं में शुमार कामरेड जसपाल सिंह (ढिल्लों) झब्बाल का निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से वामपंथी राजनीति को गहरा आघात पहुंचा है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में शोक की लहर है।

    कामरेड जसपाल सिंह झब्बाल देश की वामपंथी राजनीति के किंगमेकर माने जाने वाले कामरेड हरकृष्ण सिंह सुरजीत और कामरेड मंगत राम पासला के निकट सहयोगी रहे। उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में समाज में व्याप्त अन्याय, दमन और सरकारी नीतियों के खिलाफ संघर्ष किया। वामपंथी विचारधारा के तहत उन्होंने न केवल आंदोलनों का नेतृत्व किया, बल्कि जनसरोकारों को मजबूती से उठाया।

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    तरनतारन से लड़ चुके चुनाव

    तरनतारन जिले के गांव कोट धर्मचंद निवासी जसपाल सिंह ढिल्लों ने वर्ष 1997 में पार्टी की ओर से विधानसभा हलका तरनतारन से चुनाव भी लड़ा था। इससे पहले आतंकवाद के दौर में उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर आतंकवाद और दहशत के खिलाफ संघर्ष किया। उस समय जब आम लोग भय के साए में जी रहे थे, तब जसपाल सिंह झब्बाल ने हथियारबंद मोर्चे की अगुवाई कर जबर-जुल्म और दमन के खिलाफ डटकर मुकाबला किया।

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    किसान यूनियनों के साथ भी जुड़े रहे

    उनका विवाह प्रसिद्ध वामपंथी नेता कामरेड गुरनाम सिंह दाऊद की बहन लखविंदर कौर से हुआ था। उनके दामादों में भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के हरियाणा प्रदेश नेता निरभैय सिंह रतिया और शहीद भगत सिंह नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष मनजिंदर सिंह ढेसी शामिल हैं।

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    मंगलवार बाद दोपहर उनके पैतृक गांव कोट धर्मचंद में उनका अंतिम संस्कार किया गया। आरएमपीआइ के राष्ट्रीय सचिव कामरेड मंगत राम पासला ने कहा कि कामरेड जसपाल सिंह झब्बाल के निधन से केवल परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरी पार्टी और वामपंथी आंदोलन को अपूरणीय क्षति पहुंची है।

    इस अवसर पर चमन लाल दराजके, मुखतार सिंह मल्ला, बलदेव सिंह पंडोरी, प्रगट सिंह जामाराय, बलदेव सिंह भैल, डॉ. व्यापक धवन, मनजीत सिंह बग्गू और सुलक्खन सिंह तुड़ सहित कई नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पार्टी का झंडा डालकर दिवंगत नेता को अंतिम विदाई दी।

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