अमृतसर में पंथक सम्मेलन में एकता का संदेश, 5 प्रस्ताव पारित; सीएम मान की संदिग्ध वीडियो विवाद पर भी हुई चर्चा
श्री मंजी साहिब में आयोजित पंथक सम्मेलन में पांच प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। सम्मेलन में श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता पर जोर देते हुए म ...और पढ़ें

पंथक सम्मेलन के दौरान पाठ श्री मंजी साहिब हाल में चल रहा पाठ।
HighLights
श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता और पंथक एकता पर जोर।
सम्मेलन में पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
सीएम भगवंत मान की टिप्पणी पर भी चर्चा, शांतिपूर्ण रणनीति।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। श्री दरबार साहिब परिसर स्थित गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हाल में आयोजित पंथक सम्मेलन में श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता, पंथक एकता और गुरमत परंपराओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। सम्मेलन के दौरान पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से श्री अकाल तख्त साहिब के संबंध में की गई टिप्पणी पर पर भी चर्चा की गई।
सम्मेलन में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी सहित विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक संस्थाओं, गुरमत प्रचारकों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि पंथक मुद्दों पर सभी संगठनों को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।
पहले प्रस्ताव में श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों को सर्वोपरि मानते हुए सभी सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और समितियों से इनका पूरी निष्ठा के साथ पालन करने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि पंथ की मजबूती और एकता के लिए श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों का सम्मान और पालन आवश्यक है।
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कमेटी के निर्णयों का सम्मान जरूरी
दूसरे प्रस्ताव में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित सात सदस्यीय कमेटी के कार्यों में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप का विरोध किया गया। सम्मेलन में कहा गया कि यह कमेटी पंथक एकता के उद्देश्य से गठित की गई है और उसके निर्णयों का सम्मान किया जाना चाहिए।
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तीसरे प्रस्ताव में सभी पंथक संगठनों, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक जत्थेबंदियों और सामाजिक संस्थाओं से सात सदस्यीय कमेटी के साथ सहयोग करने तथा आपसी मतभेद भुलाकर पंथ की बेहतरी के लिए मिलकर कार्य करने की अपील की गई।
नियमित पंथक सम्मेलन आयोजित करने पर जोर
चौथे प्रस्ताव में इंटरनेट मीडिया पर सिख धर्म, गुरु साहिबानों और सिख इतिहास से संबंधित कथित भ्रामक और गलत जानकारियों का तथ्यों के आधार पर जवाब देने का आह्वान किया गया। सम्मेलन में कहा गया कि सिख इतिहास और सिद्धांतों को गलत तरीके से प्रस्तुत किए जाने के प्रयासों का संगठित रूप से जवाब दिया जाएगा।
पांचवें प्रस्ताव में भविष्य की चुनौतियों और पंथक विषयों पर विचार-विमर्श के लिए समय-समय पर श्री अकाल तख्त साहिब की सरपरस्ती में ऐसे सम्मेलन आयोजित करने का सुझाव दिया गया। इसमें सभी सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक संगठनों, गुरमत प्रचारकों, शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
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शांतिपूर्ण रणनीति अपनाने का आह्वान
सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की टिप्पणी को लेकर सिख समाज के एक वर्ग में नाराजगी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस विषय पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की अपील दोहराई।
साथ ही कहा कि इस मुद्दे पर पंथक स्तर पर आगे की रणनीति शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से तय की जाएगी। सम्मेलन के अंत में सभी सिख संगठनों से श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा, पंथक एकता और गुरमत परंपराओं की रक्षा के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया गया।