एसजीपीसी का बजट सत्र शुरू; 1500 करोड़ के प्रस्ताव में धर्म, शिक्षा और सेवा पर विशेष जोर
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का 1500 करोड़ रुपये का बजट सत्र शुरू हुआ। इसमें धर्म प्रचार, शिक्षा, लंगर और श्रद्धालुओं की सुविधाओं, विशेषकर सराय नि ...और पढ़ें

एसजीपीसी बजट सत्र के दौरान मौजूद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज, प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी व अन्य।
HighLights
SGPC का 2026-27 के लिए 1500 करोड़ का बजट पेश।
धर्म प्रचार, शिक्षा और सेवा कार्यों पर विशेष ध्यान।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सराय निर्माण को प्राथमिकता।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक बजट सत्र शनिवार को तेजा सिंह समुंदरी हाल में शुरू हो गया। इस बार बजट का आकार करीब 1500 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दस प्रतिशत अधिक है। बजट सत्र की अध्यक्षता कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी कर रहे हैं।
इस वर्ष प्रस्तावित बजट में धर्म प्रचार, शिक्षा और सेवा कार्यों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही गुरुद्वारों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार को भी प्राथमिकता में रखा गया है। खासतौर पर सच्चखंड श्री हरिमंदिर साहिब समेत अन्य प्रमुख गुरुद्वारों के आसपास सरायों के निर्माण और विस्तार की योजना बनाई गई है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर आवास सुविधा मिल सके।
बजट में संस्थागत खर्चों के लिए लगभग 40 प्रतिशत राशि निर्धारित किए जाने की संभावना है। इसमें शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक शिक्षण केंद्रों और प्रबंधकीय कार्यों पर खर्च किया जाएगा। वहीं लंगर व्यवस्था के लिए करीब 20 प्रतिशत राशि रखने का प्रस्ताव है, जिससे गुरु का लंगर निरंतर और बेहतर तरीके से चल सके।
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बजट धर्म व सेवा की परंपरा को मजबूत करेगा
कमेटी का मानना है कि यह बजट धर्म और सेवा की परंपरा को और मजबूत करेगा। शिक्षा के क्षेत्र में नए सुधार और संस्थानों के विकास के लिए भी विशेष योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इसके साथ ही विभिन्न गुरुद्वारों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और श्रद्धालुओं को अधिक सुविधा देने के लिए कई प्रस्ताव शामिल किए गए हैं।
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समाजसेवा के कार्यों को नई दिशा दी जाएगी
बजट सत्र के दौरान विभिन्न सदस्यों द्वारा सुझाव भी रखे जाएंगे, जिन पर चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। कमेटी का उद्देश्य है कि धार्मिक आस्था के केंद्रों को और सुदृढ़ किया जाए और समाज सेवा के कार्यों को नई दिशा दी जाए।
कुल मिलाकर यह बजट धर्म, शिक्षा और सेवा के क्षेत्रों में संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसे कमेटी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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